फर्जी मार्कशीट बनाने वाले गिरोह का एक एजेंट गिरफ्तार,20 हजार रुपए मिलता था कमीशन दो हजार से अधिक सर्टिफिकेट और प्रमाणपत्र बेचे
ओजस्वी किरण ब्यूरों
प्रयागराज। उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद (यूपी बोर्ड) की फर्जी वेबसाइट बनाकर नकली सर्टिफिकेट बेचने वाले गिरोह के खिलाफ साइबर पुलिस का अभियान लगातार जारी है। शुक्रवार को सिविल लाइंस के अनंत सत्यम निगम को गिरफ्तार कर लिया गया। उसके पास से 88 फर्जी अंकपत्र, डिप्लोमा, प्रमाणपत्र, 14 पासबुक, 21 चेकबुक, पांच एटीएम कार्ड, चार मोबाइल और पांच सिम कार्ड बरामद हुए।
माध्यमिक शिक्षा परिषद (यूपी बोर्ड) की फर्जी वेबसाइट तैयार कर मार्कशीट और डिग्रियां बेचने के मामले में पुलिस ने एक और आरोपी अनंत सत्यम निगम को गिरफ्तार किया है। सिविल लाइंस के तेज बहादुर सप्रू मार्ग निवासी आरोपी के कब्जे से पुलिस ने 88 फर्जी अंकपत्र, डिप्लोमा व प्रव्रजन प्रमाणपत्र, 14 पासबुक, 21 चेक बुक, पांच डेबिट कार्ड, चार मोबाइल फोन व पांच सिमकार्ड बरामद किए हैं।
जांच में पता चला कि अनंत सत्यम फर्जी डिग्री व मार्कशीट के लिए ग्राहक तलाशने का काम करता था। उसे प्रति ग्राहक के हिसाब से 20 हजार रुपये कमीशन मिलता था। साइबर पुलिस मामले में अब तक आजमगढ़ के एक बीफार्मा कॉलेज के संचालक शशि प्रकाश राय समेत कुल आठ आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है। इस गिरोह का कनेक्शन कानपुर, जौनपुर, लखनऊ, मेरठ, वाराणसी समेत यूपी के कई शहरों के 60-70 एजुकेशन सेंटर से था।
निगम गिरोह का सक्रिय सदस्य था, जो ग्राहकों की तलाश करता और प्रति फर्जी सर्टिफिकेट पर 20 हजार रुपए कमीशन कमाता था। साइबर पुलिस के अनुसार, गिरोह ने यूपी बोर्ड और कई राज्यों के विश्वविद्यालयों की नकली वेबसाइटें बनाकर 2 हजार से अधिक फर्जी डिग्री, मार्कशीट, डिप्लोमा व प्रमाणपत्र बेचे। सरगना शशि प्रकाश राय समेत सात आरोपी पहले ही जेल भेजे जा चुके हैं।
साइबर क्राइम थाना प्रभारी ओम नारायण गौतम ने बताया कि पूछताछ में निगम का नाम सामने आया, जिसे तेज बहादुर सप्रू मार्ग, सिविल लाइंस से दबोचा गया। गिरोह के बाकी सदस्यों की तलाश जारी है।

+ There are no comments
Add yours