डॉक्टर-वकील टकराव में पिसे मरीज-मुवक्किल थमा शहर, भीषण जाम में छात्रों का पेपर छूटा, एंबुलेंस फंसी
ओजस्वी किरण संवाददाता
प्रयागराज। डॉक्टरों और वकीलों के बीच छिड़ी जंग दूसरे दिन भी थमने का नाम नहीं ले रही है। दोनों ही पक्ष अपनी- अपनी मांगों को लेकर अड़े हुए हैं, लेकिन इस रस्साकशी का सीधा और सबसे दर्दनाक असर मरीजों व, वादकारियों और आम जनता पर पड़ रहा है। एक तरफ वकील मारपीट करने वाले डॉक्टरों की गिरफ्तारी के लिए एकलव्य चौराहे पर टेंट लगाकर धरने पर बैठे हैं, तो दूसरी तरफ एसआरएन अस्पताल के डॉक्टरों ने ओपीडी बंद कर मोर्चा खोल दिया है।
अस्पताल में डॉक्टरों की हड़ताल के कारण दूर-दराज से आए गंभीर मरीज इलाज के लिए भटक रहे हैं। वहीं, हाईकोर्ट और कचहरी में मुवक्किल परेशान नजर आ रहे हैं।
सड़कों का हाल और भी बदतर है। आसमान से बरसती आग और भीषण गर्मी के बीच शहरवासी घंटों से लंबे जाम में फंसे हैं। इस अराजकता के बीच कहीं गंभीर मरीजों को ले जा रही एंबुलेंस जाम में फंसी दिखी, तो कहीं ई-रिक्शा में एक बेबस मां अपने मासूम बच्चे को झुलसाने वाली धूप से बचाने के लिए कपड़े से ढकती नजर आई।
इस विवाद और ट्रैफिक डायवर्जन ने छात्रों के भविष्य को दांव पर लगा दिया है। गुरुवार को सीयूईटी की परीक्षा थी, जहां जाम के कारण कई अभ्यर्थी समय पर सेंटर नहीं पहुंच सके। उनका साल बर्बाद हो चुका है। वहीं, आज शहर के 34 केंद्रों पर करीब 13,752 अभ्यर्थी लेखपाल की मुख्य परीक्षा दे रहे हैं। परीक्षा छूटने के बाद जब ये हजारों छात्र सड़कों पर निकलेंगे, तो स्थिति और कितनी भयावह होगी, इसका अंदाजा लगाना मुश्किल नहीं है।

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