प्रयागराज में रोजाना चल रहा मौत का खेल,एक सप्ताह में छह हत्याएं
भले ही पुलिस हत्यारोपियों को पकड़ने में सफल हुई हैं,लेकिन प्रयागराज में कानून व्यवस्था बेपटरी होने लगी
ओजस्वी किरण ब्यूरो प्रयागराज
प्रयागराज। प्रयागराज में एक बार फिर से अपराध का ग्राफ तेजी से बढ़ा है। लूट,छिनैती व मारपीट की घटनाएं तो आम बात हो गई। अब रोजाना हत्या की वारदातें भी सामने आने लगी है। पिछले एक सप्ताह में छह लोगों को मौत के घाट उतार दिया गया। कहीं पारिवारिक विवाद,तो कहीं पुरानी रंजिश में कत्लेआम हो रहा है। भले ही पुलिस हत्यारोपियों को पकड़ने में सफल हुई हैं,लेकिन प्रयागराज में कानून व्यवस्था बेपटरी होने लगी है। मार्च महीने के अंतिम सप्ताह 29 तारीख की रात बमरौली स्थित मध्य वायु सेना परिसर के अंदर आवासीय कॉलोनी में सीडब्ल्यूई एसएन मिश्रा की गोली मारकर हत्या ने पुलिस को बड़ी चुनौती दी थी। एयरफोर्स के अतिसुरक्षित परिसर के अंदर गोली मारकर हत्यारोपी आसानी से फरार तक हो गया था। हालांकि इस घटना के बाद भी पुलिस ने बेपटरी होती कानून व्यवस्था पर ध्यान नहीं दिया। इसी का परिणाम है कि अप्रैल में भी हत्या की घटनाएं बढ़ गई हैं। बीते 9 से 15 अप्रैल की बातें करें, तो मात्र एक सप्ताह के अंदर छह लोगों की हत्या कर दी गई। कोरांव नगर पंचायत के शहीद आरके तिवारी नगर में 15 अप्रैल की रात 45 वर्षीय राजेश प्रजापति को उसके ही बेटे बाबूलाल ने ईंट से कूंच कर निर्मम हत्या कर दी। 14 अप्रैल को थरवई थानांतर्गत जगदीशपुर पूरे चंदा गांव में जमीन बंटवारे के विवाद में तीन भाइयों ने मिलकर 28 वर्षीय वीरू को बेरहमी से पिटाई कर दी। सिर पर लोहे की रॉड से गहरा चोट लगने से दो दिन बाद वीरू ने अस्पताल में दम तोड़ दिया। इसी दिन नैनी कोतवाली के एडीए मुक्ता विहार कॉलोनी में अधिवक्ता राजेश पांडेय की 45 वर्षीय पत्नी सुमित्रा पांडेय को उनके देवर, देवरानी व परिवार के अन्य सदस्यों ने इतना पीटा की मौत हो गई। मौसम विहार कॉलोनी राजरूपपुर में दवा व्यवसायी विवेक दुआ ने पारिवारिक विवाद में अपने ही बेटे 21 वर्षीय अंश दुआ को गोली मार दी। हालांकि अंश की जान बच गई।

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