सर्दी में ये काम न करें, वरना बन सकते हैं जानलेवा : डॉ. शेखर चौधरी

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सर्दी में ये काम न करें, वरना बन सकते हैं जानलेवा : डॉ. शेखर चौधरी

ओजस्वी किरण प्रयागराज

कड़ाके की ठंड में शरीर को गर्म रखने के लिए अपनाए जाने वाले कुछ उपाय अनजाने में जानलेवा साबित हो सकते हैं। विशेषज्ञों के अनुसार सर्दियों के मौसम में कार्बन मोनोऑक्साइड (CO) नामक रंगहीन और गंधहीन जहरीली गैस से दम घुटने की घटनाएं तेजी से बढ़ जाती हैं। यह गैस बिना किसी चेतावनी के शरीर पर असर डालती है, इसी कारण इसे “साइलेंट किलर” कहा जाता है।

हाल ही में कार के अंदर ब्लोअर चलाकर सोने से दो युवकों की मौत हो गई। इससे पहले देहरादून और गाजियाबाद में भी कार में एसी या हीटर चलाकर सोने से दम घुटने के मामले सामने आ चुके हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि वाहन के इंजन चलने पर निकलने वाली कार्बन मोनोऑक्साइड गैस एग्जॉस्ट सिस्टम से रिसकर गाड़ी के केबिन में भर सकती है। यह गैस शरीर में ऑक्सीजन की आपूर्ति को बाधित कर देती है, जिससे व्यक्ति को चक्कर, सिरदर्द, अत्यधिक सुस्ती और सांस लेने में परेशानी होने लगती है। समय रहते खतरे का आभास न होने पर यह स्थिति बेहोशी और अचानक मृत्यु का कारण भी बन सकती है।

एक्यूरा क्रिटिकल केयर, प्रयागराज के डायरेक्टर डॉ. शेखर चौधरी के अनुसार, “सर्दियों में लोग कार में हीटर या ब्लोअर चलाकर सो जाते हैं, जो बेहद खतरनाक है। कार्बन मोनोऑक्साइड गैस दिखाई नहीं देती और न ही इसकी कोई गंध होती है, इसलिए मरीज को समय रहते पता नहीं चल पाता। कई मामलों में लोग गहरी नींद में चले जाते हैं और दम घुटने से उनकी जान चली जाती है। थोड़ी-सी सावधानी ऐसे हादसों से बचा सकती है।”

डॉ. चौधरी ने बताया कि री-सर्कुलेशन मोड में लंबे समय तक ब्लोअर या हीटर चलाने से गाड़ी के भीतर ऑक्सीजन की मात्रा कम हो जाती है। वहीं पुरानी या ठीक से मेंटेन न की गई गाड़ियों में एग्जॉस्ट लीकेज का खतरा अधिक रहता है। उन्होंने वाहन चालकों को सलाह दी कि कार में ठहरते समय फ्रेश एयर वेंट चालू रखें, खिड़कियां थोड़ी खुली रखें और लंबी यात्रा से पहले एग्जॉस्ट सिस्टम की जांच जरूर कराएं।

सर्दियों में ठंड से बचाव के लिए अंगीठी या कोयले का इस्तेमाल भी कई बार जानलेवा साबित हो जाता है। डॉ. शेखर चौधरी के अनुसार बंद कमरे में अंगीठी जलाकर सोना अत्यंत खतरनाक है। अपूर्ण दहन से निकलने वाली कार्बन मोनोऑक्साइड गैस कमरे में जमा होकर ऑक्सीजन की मात्रा को तेजी से कम कर देती है। इससे सिरदर्द, उल्टी, सांस लेने में दिक्कत, बेहोशी और यहां तक कि मृत्यु भी हो सकती है।

उन्होंने लोगों से अपील की कि अंगीठी कभी बंद कमरे में न जलाएं, पर्याप्त वेंटिलेशन रखें और सोने से पहले आग पूरी तरह बुझा दें। संभव हो तो घर में कार्बन मोनोऑक्साइड डिटेक्टर लगाना भी सुरक्षा के लिहाज से उपयोगी है।

क्या करें

• कार में रुकते समय फ्रेश एयर वेंट चालू रखें

• खिड़कियां थोड़ी खुली रखें

• लंबी यात्रा से पहले एग्जॉस्ट सिस्टम की जांच कराएं

• कमरे में पर्याप्त वेंटिलेशन रखें

• सोने से पहले अंगीठी/कोयला पूरी तरह बुझा दें

क्या न करें

• कार में ब्लोअर/हीटर चलाकर न सोएं

• बंद गाड़ी में इंजन चालू रखकर न बैठें

• री-सर्कुलेशन मोड में लंबे समय तक ब्लोअर न चलाएं

• बंद कमरे में अंगीठी जलाकर न सोएं

सर्दियों में थोड़ी-सी लापरवाही बड़े हादसे का कारण बन सकती है। कार्बन मोनोऑक्साइड भले ही दिखाई न दे, लेकिन यह कुछ ही मिनटों में जान ले सकती है। ऐसे में जागरूकता और सावधानी ही सबसे बड़ा बचाव है।

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