श्रृंगी ऋषि इंटरमीडिएट कॉलेज: नेतृत्व, नवाचार और परिणाम
प्रधानाचार्य डॉ संतोष कुमार सिंह से ओजस्वी किरण के विशेष संवाददाता से खास बातचीत
ओजस्वी किरण डेक्स
प्रयागराज। करछना क्षेत्र के घटवा में स्थित श्रृंगी ऋषि इंटरमीडिएट कॉलेज आज जिस नई पहचान के साथ उभर रहा है, उसके पीछे सशक्त नेतृत्व, स्पष्ट दृष्टि और सतत प्रयासों की कहानी है। इस बदलाव के केंद्र में हैं विद्यालय के प्रधानाचार्य डॉ संतोष कुमार सिंह। ओजस्वी किरण के विशेष संवाददाता से उनसे हुई खास बातचीत….

प्रश्न: आपके कार्यकाल में कॉलेज में सबसे बड़ा परिवर्तन क्या रहा।
उत्तर (प्रधानाचार्य डॉ संतोष कुमार सिंह):
“मेरी पहली प्राथमिकता यह थी कि विद्यालय में ऐसा वातावरण बने, जहाँ छात्र-छात्राएँ सुरक्षित, प्रेरित और आत्मविश्वासी महसूस करें। इसके लिए आधारभूत सुविधाओं को मजबूत करना आवश्यक था। मल्टीपरपज हॉल, स्वच्छ पेयजल, जनरेटर से निर्बाध बिजली और छात्राओं के लिए अलग वॉशरूम,ये सब उसी सोच का परिणाम हैं।”
प्रश्न: छात्राओं की शिक्षा और स्वास्थ्य को लेकर आपने विशेष पहल की है।
उत्तर : “ग्रामीण क्षेत्रों में बेटियों की शिक्षा तभी आगे बढ़ेगी, जब अभिभावकों का भरोसा मजबूत हो। इसलिए हमने छात्राओं के लिए नियमित स्वास्थ्य परीक्षण शिविर शुरू किए। इससे न केवल उनकी सेहत बेहतर हुई, बल्कि उनकी उपस्थिति और पढ़ाई के प्रति लगन भी बढ़ी है।”

प्रश्न: शैक्षणिक परिणामों में जो सुधार दिख रहा है, उसका श्रेय आप किसे देंगे।
उत्तर:“यह पूरी तरह टीम वर्क का परिणाम है। शिक्षकगणों की मेहनत, छात्रों का अनुशासन और अभिभावकों का सहयोग—तीनों का योगदान है। हमें गर्व है कि हमारे छात्र हाईस्कूल मेरिट में उत्तर प्रदेश के शीर्ष 10 में स्थान बना सके हैं, और कई छात्र राष्ट्रीय स्तर पर खेलों में भी प्रदेश का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं।”
प्रश्न: मोटिवेशनल सेमिनार और अनुशासन पर इतना जोर क्यों।
उत्तर : आज के दौर में केवल किताबें काफी नहीं हैं। छात्रों को सही दिशा, आत्मविश्वास और जीवन मूल्यों की जरूरत है। नियमित मोटिवेशनल सेमिनार, करियर गाइडेंस और अनुशासित वातावरण से उनके व्यक्तित्व का सर्वांगीण विकास होता है।
जिला विद्यालय निरीक्षक का संदेश
विद्यालय के इस परिवर्तन पर पी एन सिंह, जिला विद्यालय निरीक्षक (DIOS), प्रयागराज ने भी प्रसन्नता व्यक्त की है।
उन्होंने कहा–
“श्रृंगी ऋषि इंटरमीडिएट कॉलेज में प्रधानाचार्य डॉ संतोष कुमार सिंह के नेतृत्व में जो सकारात्मक परिवर्तन देखने को मिले हैं, वे प्रशंसनीय हैं। आधारभूत सुविधाओं का विकास, छात्राओं के लिए संवेदनशील पहल और शैक्षणिक परिणामों में निरंतर सुधार—यह सब एक आदर्श शैक्षिक मॉडल प्रस्तुत करता है। जिला शिक्षा विभाग की ओर से उन्हें हर संभव सहयोग और मार्गदर्शन निरंतर दिया जाता रहेगा।”
समाज और अभिभावकों का विश्वास
आज यह विद्यालय केवल एक शिक्षण संस्थान नहीं, बल्कि क्षेत्र के लिए प्रेरणा का केंद्र बन चुका है। घटवा क्षेत्र के अभिभावक मनोज कुमार सिंह का कहना है कि विद्यालय में अनुशासन और पढ़ाई का माहौल स्पष्ट रूप से बदला है, जिसका असर बच्चों के व्यवहार और शैक्षणिक परिणामों में दिखाई दे रहा है। वहीं एक छात्रा की अभिभावक सुमन देवी के अनुसार बेटियों के लिए बेहतर सुविधाओं से अभिभावकों का भरोसा बढ़ा है और बच्चियाँ अब अधिक आत्मविश्वास के साथ विद्यालय आती हैं।
अभिभावक शिक्षक संघ के अध्यक्ष मो0 अफजल अली सिद्दीकी मानते हैं कि यह विद्यालय आज पूरे क्षेत्र के लिए प्रेरणा का केंद्र बन चुका है।

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