अलोपीबाग चौराहे पर किसान नेताओं का धरना, पुलिस के कथित दुर्व्यवहार से भड़के अनुज चौधरी, प्रशासन में मचा हड़कंप

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अलोपीबाग चौराहे पर किसान नेताओं का धरना, पुलिस के कथित दुर्व्यवहार से भड़के अनुज चौधरी, प्रशासन में मचा हड़कंप

ओजस्वी किरण ब्यूरो

प्रयागराज। मकर संक्रांति के अवसर पर माघ मेला क्षेत्र के परेड ग्राउंड में आयोजित किसान महापंचायत के दौरान पुलिस और किसानों के बीच तीखी नोकझोंक हो गई। भारतीय किसान यूनियन (राकेश टिकैत गुट) के प्रदेश अध्यक्ष अनुज सिंह चौधरी सहित कई किसान नेताओं ने पुलिस पर कथित दुर्व्यवहार का आरोप लगाते हुए अलोपीबाग चुंगी चौराहे पर धरना शुरू कर दिया। धरने की सूचना मिलते ही पुलिस-प्रशासन में हड़कंप मच गया।

महापंचायत में कैसे शुरू हुआ विवाद?

माघ मेले के दौरान आयोजित किसान महापंचायत में बड़ी संख्या में किसान जुटे थे। इसी दौरान कार्यक्रम स्थल पर मौजूद कुछ पुलिसकर्मियों पर किसानों से अनुचित व्यवहार करने का आरोप लगाया। बताया जा रहा है कि एक पुलिस अधिकारी द्वारा किसान नेता राकेश टिकैत के खिलाफ आपत्तिजनक व अपमानजनक टिप्पणी की गई, जिससे किसान नेताओं का गुस्सा भड़क उठा।
इसके बाद अनुज सिंह चौधरी ने साथी नेताओं और कार्यकर्ताओं के साथ मौके से निकलकर अलोपीबाग टोल/चुंगी चौराहे पर धरना शुरू कर दिया। देखते ही देखते वहां सैकड़ों किसानों की भीड़ जमा हो गई और नारेबाजी शुरू हो गई।

दोषी अधिकारी पर कार्रवाई की मांग

धरने पर बैठे किसान नेताओं ने कथित रूप से जिम्मेदार अधिकारी के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की मांग की। इस दौरान अनुज सिंह चौधरी ने कहा—
“पुलिस का यह रवैया लोकतंत्र के खिलाफ है। किसानों का अपमान बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।”
धरने के चलते अलोपी बाग चौराहे पर वाहनों की आवाजाही प्रभावित हुई और कुछ देर के लिए ट्रैफिक जाम की स्थिति बन गई।

स्थिति नियंत्रण में लाने की कोशिश

सूचना मिलते ही पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे और किसानों को समझाने-बुझाने का प्रयास किया। प्रशासन की ओर से किसानों से शांत रहने की अपील की गई और बातचीत के जरिए समाधान का भरोसा दिलाया गया।
फिलहाल मौके पर सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है और पुलिस पूरे घटनाक्रम की जानकारी जुटा रही है।

किसान आंदोलन को मिल सकती है, नई धार

राजनीतिक और सामाजिक हलकों में इस घटना को किसान-प्रशासन टकराव की नई कड़ी के रूप में देखा जा रहा है। राकेश टिकैत गुट पहले से ही एमएसपी सहित अन्य मांगों को लेकर सक्रिय रहा है। ऐसे में मकर संक्रांति जैसे पर्व के दिन हुई यह घटना किसानों के बीच असंतोष बढ़ाने वाली मानी जा रही है।

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