प्रयागराज माघ मेला: मौनी अमावस्या स्नान पर जल-थल-नभ से कड़ी निगरानी, ATS तैनात, साढ़े तीन करोड़ श्रद्धालुओं का अनुमान
ओजस्वी किरण विशेष
प्रयागराज में माघ मेला-2026 के अंतर्गत आज मौनी अमावस्या के पावन स्नान पर्व को लेकर संगम नगरी पूरी तरह सुरक्षा और व्यवस्थाओं के अभूतपूर्व घेरे में है। संगम क्षेत्र में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने जल-थल-नभ तीनों स्तरों पर कड़ी निगरानी व्यवस्था लागू की है।
अधिकारियों के अनुसार, इस बार साढ़े तीन करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं के संगम तट पर स्नान करने का अनुमान है। इसी को ध्यान में रखते हुए मेला क्षेत्र में भीड़ नियंत्रण, यातायात व्यवस्था, सुरक्षा निगरानी और चिकित्सा सुविधा को पूरी तरह सक्रिय रखा गया है।
भीड़ का अनुमान: संगम तट पर उमड़ेगा जनसैलाब
मौनी अमावस्या को माघ मेले का सबसे बड़ा और सर्वाधिक महत्वपूर्ण स्नान पर्व माना जाता है। देश के अलग-अलग राज्यों से श्रद्धालु ट्रेन, बस, निजी वाहनों के साथ-साथ बड़ी संख्या में पैदल यात्रा करके संगम तक पहुंच रहे हैं।
भीड़ प्रबंधन के लिए प्रशासन द्वारा स्नान घाटों पर प्रवेश-निकासी मार्गों को अलग-अलग किया गया है तथा वैकल्पिक मार्गों को भी सक्रिय किया गया है, ताकि किसी भी स्थान पर दबाव अत्यधिक न बढ़े।

स्नान का शुभ मुहूर्त: ब्रह्म मुहूर्त में स्नान श्रेष्ठ
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार मौनी अमावस्या पर गंगा स्नान-दान का विशेष पुण्यफल बताया गया है। पंचांग के मुताबिक आज स्नान का प्रमुख शुभ समय—
✅ सुबह 4:43 से 6:21 बजे तक
✅ ब्रह्म मुहूर्त: 5:27 से 6:21 बजे तक
✅ अभिजित मुहूर्त: 12:10 से 12:53 बजे तक
✅ सांयकाल शुभ समय: 5:58 से 7:15 बजे तक
श्रद्धालुओं में ब्रह्म मुहूर्त के दौरान संगम में डुबकी लगाने को लेकर खास उत्साह देखा जा रहा है।
सुरक्षा का अभेद्य कवच: ड्रोन, जल पुलिस और CCTV से निगरानी
मेला क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था को अत्यंत मजबूत बनाया गया है। ड्रोन कैमरों के जरिए संवेदनशील क्षेत्रों की सतत निगरानी हो रही है। वहीं जल पुलिस नावों पर तैनात रहकर संगम क्षेत्र में सुरक्षा संभाले हुए है।
इसके साथ ही मेला परिसर में सीसीटीवी कैमरों से रीयल-टाइम डेंसिटी मॉनिटरिंग की जा रही है, ताकि भीड़ बढ़ने पर तुरंत आवश्यक कदम उठाए जा सकें।
सुरक्षा एजेंसियों को पूरी तरह सतर्क रखते हुए एटीएस की तैनाती भी की गई है। साथ ही अग्निशमन विभाग, आपातकालीन टीम और राहत दल पूरी तरह अलर्ट मोड पर हैं।
भीड़ अत्यधिक बढ़ने की स्थिति में भंडारे/लंगर संचालन पर अस्थायी रोक भी लगाई जा सकती है, ताकि आवागमन बाधित न हो।
मौसम अपडेट: धूप रहेगी, लेकिन ठंड से सतर्क रहें
आज प्रयागराज में सुबह धूप रहने की संभावना है, जबकि रात आसमान साफ रह सकता है।
🌤️ अधिकतम तापमान: 22°C
🌙 न्यूनतम तापमान: 10°C
हालांकि वायु गुणवत्ता बहुत खराब होने की संभावना जताई गई है। ऐसे में बुजुर्ग, बच्चे, अस्थमा/हृदय रोगी और संवेदनशील लोगों को अतिरिक्त सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
श्रद्धालुओं से अपील की गई है कि स्नान के दौरान गर्म कपड़े, पानी की बोतल और जरूरी दवाएं साथ रखें।
प्रशासन की अपील: अफवाहों से बचें, नियमों का पालन करें
मेला प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे—
✅ निर्धारित मार्गों और घाटों का पालन करें
✅ अनावश्यक रुकने/भीड़ लगाने से बचें
✅ बच्चों और बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखें
✅ किसी भी आपात स्थिति में तत्काल नजदीकी पुलिस/मेला कर्मियों को सूचना दें
मौनी अमावस्या का यह महापर्व केवल स्नान का नहीं, बल्कि आस्था, अनुशासन और सामूहिक व्यवस्था का भी प्रतीक है। संगम तट पर उमड़ रही श्रद्धालुओं की यह विशाल भीड़ प्रयागराज की धार्मिक गरिमा और सनातन परंपरा की भव्यता को दर्शाती है। प्रशासन के अनुसार 17 जनवरी एवं 18 जनवरी की मध्य रात्रि तक डेढ़ करोड़ से ज्यादा श्रद्धालु स्नान कर चुके हैं।

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