वन टीम–वन मिशन के तहत सैन्य व सिविल चिकित्सा संस्थानों का संयुक्त आपदा अभ्यास

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वन टीम–वन मिशन के तहत सैन्य व सिविल चिकित्सा संस्थानों का संयुक्त आपदा अभ्यास

आपदा की स्थिति में त्वरित, समन्वित और प्रभावी चिकित्सा प्रतिक्रिया सुनिश्चित करने के उद्देश्य से Military Hospital Prayagraj, SRN Hospital एवं Motilal Nehru Medical College के संयुक्त तत्वावधान में सोमवार को एक व्यापक डिजास्टर मैनेजमेंट मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया। यह अभ्यास SRN अस्पताल स्थित CBRNE एवं डिजास्टर वार्ड में संपन्न हुआ।

इलाक्षी शुक्ला – उप संपादक

“वन टीम–वन मिशन: निर्बाध सिविल-मिलिट्री समन्वय से जीवन रक्षा” थीम पर आयोजित इस अभ्यास का उद्देश्य सैन्य एवं नागरिक चिकित्सा तंत्र के बीच आपसी तालमेल को और अधिक सुदृढ़ करना था। कार्यक्रम में मिलिट्री हॉस्पिटल प्रयागराज के कमांडेंट एवं उनके साथ आए प्रतिनिधिमंडल की गरिमामयी उपस्थिति रही।


एसआरएन अस्पताल एवं एमएलएन मेडिकल कॉलेज की ओर से प्राचार्य डॉ. वी.के. पांडेय, डॉ.नीलम सिंह, डॉ. (मेजर) जितेंद्र शुक्ला, डॉ. आलोक सिंह, डॉ. आर.के. तिवारी एवं डॉ. मुक्तेश सिंह सहित वरिष्ठ चिकित्सक, रेजिडेंट डॉक्टर, नर्सिंग स्टाफ एवं पैरामेडिकल कर्मी अभ्यास में सम्मिलित रहे।

मॉक ड्रिल के दौरान मास कैजुअल्टी ट्रायेज, आपदा प्रबंधन प्रोटोकॉल, संसाधनों की त्वरित तैनाती, अंतर-एजेंसी संचार तथा समन्वित मरीज प्रबंधन जैसी अहम प्रक्रियाओं का व्यावहारिक परीक्षण किया गया। विशेष रूप से रेजिडेंट डॉक्टरों एवं नर्सिंग स्टाफ की सक्रिय भागीदारी ने फील्ड-लेवल तैयारियों को मजबूती प्रदान की।


इस अवसर पर प्राचार्य डॉ. वी.के. पांडेय ने कहा कि आपदा जैसी परिस्थितियों से निपटने के लिए ऐसे संयुक्त अभ्यास अत्यंत आवश्यक हैं। इससे सभी स्तरों पर कार्यरत स्वास्थ्यकर्मियों की भूमिका स्पष्ट होती है और टीम भावना को बल मिलता है।


वहीं डॉ. (मेजर) जितेंद्र शुक्ला ने कहा कि सैन्य और नागरिक चिकित्सा संस्थानों के बीच इस प्रकार का समन्वय वास्तविक आपदा की स्थिति में जान-माल की क्षति को न्यूनतम करने में निर्णायक भूमिका निभाता है। नियमित मॉक ड्रिल से प्रतिक्रिया समय और उपचार क्षमता दोनों में उल्लेखनीय सुधार होता है।

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