जर्जर संजय सेतु (घाघरा पुल) का निर्माण कार्य तत्काल शुरू करने की अपना दल नेता संजीव सिंह राठौर ने उठाई मांग
ओजस्वी किरण ब्यूरों
लखनऊ। देवीपाटन मंडल आज केवल एक भौगोलिक क्षेत्र नहीं, बल्कि एक दर्दनाक सच्चाई बन चुका है। यह क्षेत्र किसी एक दिन में संकट में नहीं आया—बल्कि वर्षों की अनदेखी, अधूरे वादों और ज़मीनी हक़ीक़त से कटे फैसलों ने इसे आज इस मोड़ पर ला खड़ा किया है, जहाँ उम्मीदें टूट रही हैं और विश्वास डगमगा रहा है।
अपना दल (एस) के नेता संजीव सिंह राठौर ने गहरी पीड़ा के साथ शासन-प्रशासन का ध्यान आकृष्ट करते हुए कहा कि देवीपाटन मंडल में न उद्योग हैं, न फैक्ट्रियाँ और न ही स्थायी रोज़गार के अवसर। इसका सबसे भयावह परिणाम यह है कि यहाँ का युवा—जो इस देश का भविष्य है—मजबूरी में अपने घर-परिवार, गाँव-ज़िले और प्रदेश को छोड़कर पलायन करने को विवश है। यह केवल पलायन नहीं, बल्कि एक क्षेत्र की उम्मीदों का विस्थापन है।
उन्होंने कहा कि जर्जर संजय सेतु (घाघरा पुल) अब सिर्फ़ एक पुल नहीं रहा, बल्कि यह प्रशासनिक उदासीनता और वर्षों की लापरवाही का प्रतीक बन चुका है। हर दिन इस पुल पर लगने वाला भीषण जाम आम नागरिकों के धैर्य की परीक्षा लेता है। छात्र समय पर परीक्षा केंद्र नहीं पहुँच पाते, मज़दूर अपनी रोज़ी खोते हैं और सबसे पीड़ादायक दृश्य तब सामने आता है जब एम्बुलेंस जाम में फँस जाती है—जहाँ हर मिनट एक जीवन से जुड़ा होता है।
राठौर ने कहा कि बीते आठ वर्षों से संजय सेतु पर केवल चर्चाएँ, बयान और मीडिया ट्रायल चल रहे हैं। अब यह सब बंद होना चाहिए। जनता को भाषण नहीं, सुरक्षित पुल चाहिए। अब समय आ गया है कि काग़ज़ों से बाहर निकलकर ज़मीन पर काम शुरू हो।
उन्होंने देवीपाटन मंडल की जलती हुई सच्चाइयों को सामने रखते हुए कहा..
देवीपाटन मंडल के प्रमुख जनहित मुद्दे:
जर्जर संजय सेतु (घाघरा पुल): रोज़ हज़ारों ज़िंदगियाँ जोखिम में।
जरवल–बहराइच रेलवे लाइन: वर्षों से लंबित, विकास अवरुद्ध।
श्रावस्ती रेल परियोजना व एयरपोर्ट संचालन में देरी: आस्था, पर्यटन और रोज़गार पर चोट।
उद्योग व फैक्ट्रियों का अभाव: घोषणाओं में विकास, ज़मीन पर सन्नाटा।
बढ़ती बेरोज़गारी और पलायन: सबसे अधिक प्रभावित युवा वर्ग।
उन्होंने दो टूक कहा कि काग़ज़ों में विकास और ज़मीन पर इंतज़ार—यही देवीपाटन मंडल की आज की पहचान बन चुकी है। अब जनता और इंतज़ार नहीं करेगी। अब जवाबदेही तय करनी होगी।
मुख्य माँगें:
• जर्जर संजय सेतु के स्थान पर नए, सुरक्षित पुल का निर्माण कार्य तत्काल शुरू किया जाए।
• सभी लंबित रेल व आधारभूत परियोजनाओं को समयबद्ध रूप से पूरा किया जाए।
• क्षेत्र में उद्योगों की स्थापना कर स्थानीय युवाओं को सम्मानजनक रोज़गार दिया जाए।
अंत में राठौर ने भावुक शब्दों में कहा “जब जनता सवाल पूछती है, तभी लोकतंत्र ज़िंदा रहता है। और जब सवाल उठेंगे, तभी व्यवस्था को जवाब देना होगा। देवीपाटन मंडल अब और उपेक्षा नहीं सहेगा।”

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