महाराष्ट्र विधानसभा में महादेव बेटिंग एप की गूंज, गृहमंत्री फडणवीस बोले- SIT और ED कर रही जांच

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महाराष्ट्र विधानसभा में महादेव बेटिंग एप की गूंज, गृहमंत्री फडणवीस बोले- SIT और ED कर रही जांच

ओजस्वी किरण डेक्स 

मुंबई। महाराष्ट्र के गृहमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा है कि महादेव एप मामले की जांच केंद्रीय एजेंसी के पास है। एक एक्टिविस्ट की शिकायत के बाद मुंबई और मीरा भायंदर में केस दर्ज किया गया था। इसके बाद एसआईटी गठित की गई है. ईडी के साथ-साथ पुलिस भी पूरे मामले की जांच कर रही है।

महाराष्ट्र विधानसभा के शीतकालीन सत्र में गुरुवार को महादेव बेटिंग एप घोटाले की गूंज सुनाई पड़ी। विधानसभा में बताया गया कि महादेव एप घोटाले का पैसा रियल एस्टेट में इन्वेस्ट किया गया है। राज्य के डिप्टी सीएम और गृह मंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि बिल्डर की पहचान हो गई है। मामले की एसआईटी और ईडी जांच कर रही है। सदन की कार्यवाही के दौरान विपक्षी विधायकों की ओर से कई सवाल भी किए गए।

देवेंद्र फडणवीस ने सदन में सवालों का जवाब देते हुए देश के फिल्मी सितारों से भी बड़ी अपील की। उन्होंने कहा कि फिल्मी सितारों से कहा कि भविष्य में वो ऐसे किसी गेमिंग एप का प्रमोशन न करें। उन्होंने कहा कि जांच एजेंसियां अगले दो महीने में जांच पूरी कर देंगी। मामले की एनआईए जांच जरूरी नहीं है, ईडी पहले से ही जांच कर रही है।

विधानसभा की कार्यवाही के दौरान बीजेपी नेता आशीष शेलार ने कहा कि महादेव एप के जरिए कमाया गया पैसा बिल्डरों के जरिए निवेश किया जा रहा है। इसके साथ-साथ उन्होंने इंफ्रा प्रोजेक्ट में भी पैसा लगाने का आरोप लगाया। जवाब में गृहमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने बताया कि मामले की ईडी जांच कर रही है। मुंबई पुलिस के जरिए भी जांच हो रही है।

महादेव एप पैरेंट कंपनी, इसके 67 एप

राज्य के गृहमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि महादेव एप एक पैरेंट कंपनी है जो सौरभ चंद्राकर, रवि उप्पल के जरिए चलाई जा रही है। इसके कुल 67 एप हैं और सभी एक दूसरे से जुड़े हुए हैं। इनका पोर्टल भी है जिसमें महादेव एप की 80-20 फीसदी पार्टनरशिप है। इसका रजिस्ट्रेशन साउथ अमेरिका के वेनेजुएला में किया गया है।

‘साइबर सेल व्हाट्सएप और टेलीग्राम चैनल मॉनिटर नहीं कर सकता’

सदन की कार्यवाही के दौरान महाराष्ट्र कांग्रेस के नेता विधायक नाना पटोले ने पूछा कि इस पूरे मामले में राज्य का आईटी सेल क्या कर रहा था। फडणवीस ने जवाब में बताया कि फिजिकली जो जुआ बंद है उसे इन लोगों ने ऑनलाइन शुरू किया था। इनका पूरा सिस्टम व्हाट्सएप और टेलीग्राम के जरिए चल रहा था। इसलिए साइबर सेल व्हाट्सएप और टेलीग्राम चैनल को मॉनिटर नहीं कर सकता है। डेटा शेयरिंग को लेकर एक नया कानून लाने पर विचार चल रहा है।

सितारों से ऐसे विज्ञापन नहीं करने की अपील

वहीं, निर्दलीय विधायक बच्चू कडू ने ऑनलाइन गेमिंग के लिए सितारों के इस्तेमाल का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि सितारे इसका प्रचार करते हैं, क्या उस पर भी कोई कार्रवाई होगी। जवाब में फडणवीस ने कहा कि ऑनलाइन गेमिंग पर एक्शन के लिए केंद्रीय कानून तैयार करना होगा। गेमिंग एप को ऑपरेट कहीं और से किया जाता है और उसका रजिस्ट्रेशन कहीं और होता है। सितारे ऐसे विज्ञापनों से दूरी बनाए। सभी से मेरी अपील है कि वो ऐसे विज्ञापन न करें।

कांग्रेस नेता पृथ्वीराज चव्हाण ने पूछा कि क्या केंद्र सरकार से इस संबंध में कोई बातचीत हो सकती है, जिसके जरिए इस तरह की आदत लगाई जा रही है। जवाब में गृहमंत्री ने कहा कि राज्य की ओर से इस पर कैसे रेग्यूलेशन लाना है इसपर भी हम चर्चा करेंगे।

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