कब्ज और पेट में गैस: अनदेखी न करें, वरना बढ़ सकती है परेशानी

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कब्ज और पेट में गैस: अनदेखी न करें, वरना बढ़ सकती है परेशानी

ओजस्वी किरण ब्यूरो 

आज के समय में कब्ज और पेट में अत्यधिक गैस की समस्या हर उम्र के लोगों में तेजी से बढ़ रही है। बदलती जीवनशैली, अनियमित खान-पान, फास्ट फूड का बढ़ता चलन और शारीरिक श्रम की कमी इसके प्रमुख कारण हैं। अक्सर लोग इसे मामूली समस्या समझकर अनदेखा कर देते हैं, जबकि लंबे समय तक बनी रहने वाली कब्ज और गैस कई गंभीर बीमारियों का कारण बन सकती है।

कब्ज और गैस क्यों बनती है?

पर्याप्त फाइबर न लेना, दिनभर कम पानी पीना, देर रात भारी भोजन करना, तला-भुना व अधिक मसालेदार खाना, घंटों बैठे रहना और मानसिक तनाव पाचन तंत्र को कमजोर कर देते हैं। इससे आंतों की गति धीमी हो जाती है और मल सख्त हो जाता है, जिससे कब्ज होती है और पेट में गैस बनने लगती है।

इसके लक्षण क्या हैं ?

पेट भारी रहना, बार-बार डकार आना, पेट फूलना, भूख न लगना, सिरदर्द, थकान, चिड़चिड़ापन और मल त्याग में कठिनाई—ये सभी कब्ज और गैस के सामान्य लक्षण हैं।

क्या करें—आसान और कारगर उपाय

सुबह खाली पेट गुनगुना पानी पीने की आदत डालें। यह आंतों को सक्रिय करता है।

फाइबर युक्त भोजन जैसे हरी सब्ज़ियाँ, सलाद, दलिया, ओट्स, पपीता, सेब, अमरूद और चोकर नियमित रूप से लें।

त्रिफला चूर्ण रात को सोने से पहले आधा चम्मच गुनगुने पानी या दूध के साथ लेना लाभकारी होता है।

अजवाइन और हींग गैस, पेट दर्द और अपच में रामबाण मानी जाती हैं।

दही व छाछ पाचन तंत्र को मज़बूत करती हैं, इनमें भुना जीरा मिलाकर सेवन करें।

नियमित योग और टहलना—पवनमुक्तासन, भुजंगासन और वज्रासन पाचन के लिए अत्यंत लाभकारी हैं।

इन गलतियों से बचें

बार-बार जुलाब या बिना सलाह दवाइयों का सेवन न करें। अत्यधिक चाय-कॉफी, धूम्रपान, देर रात भोजन और लंबे समय तक एक ही जगह बैठे रहना पेट के लिए हानिकारक है।

कब डॉक्टर से संपर्क करें

यदि कब्ज या गैस की समस्या दो-तीन सप्ताह से अधिक बनी रहे, पेट में तेज दर्द हो, वजन अचानक घटने लगे या मल में खून आए, तो तुरंत चिकित्सक से सलाह लेना आवश्यक है।

कब्ज और गैस कोई छोटी समस्या नहीं है। थोड़े से अनुशासन, संतुलित आहार, पर्याप्त पानी और नियमित व्यायाम से इस परेशानी से आसानी से बचा जा सकता है।

स्वस्थ पाचन तंत्र ही स्वस्थ जीवन की नींव है।

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