हमारी समृद्ध संस्कृति और परंपराओं का प्रतीक है लोहड़ी का पर्व – मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने लाडवा के शिवाला राम कुंडी में आमजन के साथ मिलकर मनाया लोहड़ी पर्व
युवा पीढ़ी का आधुनिकता के साथ अपनी जड़ों से जुड़े रहना ही सबसे बड़ी ताकत
दो किस्तों में 7 लाख से अधिक बहन-बेटियों को दिया लाडो लक्ष्मी योजना में 260 करोड़ रुपये का लाभ
ओजस्वी किरण ब्यूरों हरियाणा
हरियाणा। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि लोहड़ी का पर्व हमारी समृद्ध संस्कृति और परंपराओं का प्रतीक है। ये त्योहार न केवल हमें खुशियां बांटने का अवसर देते हैं, बल्कि हमें अपनी जड़ों से जुड़ने का भी मौका देते हैं। यह आयोजन समाज में प्रेम-प्यार और भाईचारे को मजबूत करने का संदेश देने में सफल रहेगा क्योंकि लोहड़ी व अन्य सब पर्व मानव मात्र को यही संदेश देते हैं। उन्होंने कहा कि युवा पीढ़ी को लोहड़ी से यह सीख लेनी चाहिए कि हमारी परंपराएं केवल अतीत की धरोहर नहीं हैं, बल्कि ये हमारे वर्तमान और भविष्य को भी मार्गदर्शन देती हैं। आधुनिकता के साथ-साथ अपनी जड़ों से जुड़े रहना हमारी सबसे बड़ी ताकत है।
मुख्यमंत्री व उनकी धर्मपत्नी श्रीमती सुमन सैनी ने संयुक्त रूप से रविवार को कुरुक्षेत्र के लाडवा के शिवाला राम कुंडी में आमजन के साथ मिलकर लोहड़ी का पर्व मनाया। उन्होंने विधिपूर्वक पूजा अर्चना कर लोहड़ी को जलाया। इस मौके पर पूर्व राज्यमंत्री सुभाष सुधा भी मौजूद रहे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत एक ऐसी भूमि है, जहां विविधता में एकता देखने को मिलती है। लोहड़ी हमारी सांस्कृतिक विविधता को दर्शाने वाला एक प्रमुख पर्व है। आज आग के चारों ओर घूमकर तिल, रेवड़ी, गुड़ और मूंगफली अर्पित करना न केवल एक धार्मिक अनुष्ठान है, बल्कि यह हमें अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जुड़े रहने का संदेश भी देता है। यह हमारी पीढ़ियों को परंपराओं का महत्व सिखाने का अवसर है। उन्होंने कहा कि लोहड़ी का पावन पर्व मनाया जाना आज पहले से भी अधिक प्रासंगिक है। इस दिन दुल्ला भट्टी ने अकबर के काल में अपहरण की गई अनेक लड़कियों को गुलाम बाजार या दास बाजार के लोगों से बचाया था। इसीलिए लोहड़ी पर दुल्ला भट्टी को श्रद्धा से याद किया जाता है।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि लोहड़ी हमारे सामाजिक जीवन में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। यह त्योहार हमें एक-दूसरे के करीब लाता है और हमारे बीच भाईचारा बढ़ाता है। इस दिन लोग एक साथ मिलकर खाना बनाते हैं, गाते हैं, नाचते हैं और एक-दूसरे को उपहार देते हैं। इस तरह यह पर्व हमें एकता, भाईचारे और समर्पण की भावना को भी प्रेरित करता है। उन्होंने कहा कि देश को मजबूत बनाने के लिए यह आवश्यक है कि हम अपने समाज में समानता और सहयोग की भावना को बढ़ावा दें। हमें यह समझना होगा कि जब हम एक-दूसरे के साथ मिलकर चलेंगे, तभी हम एक सशक्त भारत का निर्माण कर सकते हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज फिर हमारे समाज में महिलाओं के विरूद्ध अपराध हो रहे हैं और कन्या भ्रूण हत्या जैसा कलंक समाज को शर्मसार कर रहा है। इसलिए आज हम सबको संकल्प लेना चाहिए कि हम दुल्ला भट्टी की तरह बेटियों की रक्षा करेंगे। उन्होंने कहा कि इस दिशा में कुछ सामाजिक संस्थाओं और समाज के जागरूक लोगों ने अच्छी पहल की है। उन्होंने परम्परागत रूप से बेटे के जन्म पर मनाई जा रही लोहड़ी को अब बेटियों के नाम भी मनाना शुरू किया है। इससे समाज में बेटियों के प्रति सोच बदल रही है। हमें लोहड़ी पर खुशियां मनाते समय दुल्ला भट्टी की बेटियों के प्रति जो भावना थी उसे याद रखना चाहिए। तभी लोहड़ी मनाना सार्थक होगा।
अब हरियाणा में लिंगानुपात की दर सुधरकर 923 हुई
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज बेटियों को बचाने के लिए कन्या भ्रूण हत्या को रोकना पहली जरूरत है। इसके लिए प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने 22 जनवरी 2015 को पानीपत से “बेटी बचाओ-बेटी पढाओ” अभियान शुरू किया था। इसी का परिणाम है कि अब हरियाणा में लिंगानुपात की दर उस समय के 871 से सुधरकर 923 हो गई है। उन्होंने कहा कि हमारी बेटियां आज हर क्षेत्र में बड़ी-बड़ी सफलताएं प्राप्त कर रही हैं। उनकी सफलताओं और सरकार की कल्याणकारी योजनाओं की बदौलत अब बेटियां किसी पर बोझ नहीं रहीं बल्कि देश व समाज की सच्ची ताकत बन गई हैं।
दो किस्तों में 7 लाख से अधिक बहन-बेटियों को दिया लाडो लक्ष्मी योजना में 260 करोड़ रुपये का लाभ
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने बहनों-बेटियों को आर्थिक व सामाजिक सुरक्षा प्रदान करने के लिए ‘दीनदयाल लाडो लक्ष्मी योजना’ शुरू की है। इस योजना के तहत 2100 रुपये की वित्तीय सहायता दी जाती है। अब तक दो किस्तों में 7 लाख से अधिक बहन-बेटियों को 260 करोड रुपये दिए जा चुके हैं। उन्होंने कहा कि गरीब महिलाओं को अपनी रसोई चलाने के लिए हर महीने केवल 500 रुपये में गैस सिलेंडर दिया जा रहा है। यह लाभ प्रदेश के लगभग 14 लाख 70 हजार परिवारों को मिल रहा है। गांवों के विकास में महिलाओं की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए उन्हें पंचायती राज संस्थाओं में 50 प्रतिशत प्रतिनिधित्व दिया है।
बेटियों को उच्च शिक्षा देने के लिए प्रदेश में खोले गये 81 कॉलेजों में से 31 लड़कियों के
नायब सिंह सैनी ने कहा कि बेटियों को उच्च शिक्षा देने के लिए प्रदेश में खोले गये 81 कॉलेजों में से 31 लड़कियों के हैं। आज पोस्ट ग्रेजुएशन तक लड़कियों को मुफ्त शिक्षा दी जा रही है। इसी तरह 5 लाख महिलाओं को लखपति दीदी बनाने का लक्ष्य रखा है। अब तक 2 लाख 34 हजार महिलाओं को लखपति दीदी बनाया जा चुका है। ‘ड्रोन दीदी योजना’ में 100 महिलाओं को मुफ्त ड्रोन व प्रशिक्षण दिया जा चुका है। उन्होंने कहा कि प्रदेशभर में महिला सांस्कृतिक केंद्र खोले जा रहे हैं। अब तक 203 केन्द्र खोले गये हैं। इनमें माताएं बहनें भजन, गीत, नृत्य आदि सांस्कृतिक कार्यक्रम कर सकेंगी। इस मौके पर उपायुक्त विश्राम कुमार मीणा सहित अन्य गणमान्य नागरिक मौजूद रहे।



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