भारतीय सेना और प्रदेश सरकार ने दिवंगत टेरिटोरियल आर्मी अधिकारी की पुत्री के पैतृक घर को वापस दिलाने के लिए समन्वय से काम किया

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भारतीय सेना और प्रदेश सरकार ने दिवंगत टेरिटोरियल आर्मी अधिकारी की पुत्री के पैतृक घर को वापस दिलाने के लिए समन्वय से काम किया

ओजस्वी किरण ब्यूरों

लखनऊ। मिस अंजना भट्ट के पैतृक आवास की पुनः प्राप्ति, भारतीय सेना द्वारा अपने विस्तारित परिवार की गरिमा, अधिकारों और कल्याण की रक्षा हेतु किए गए निर्णायक और करुणामय प्रयासों का सशक्त उदाहरण है। यह कार्रवाई उत्तर प्रदेश के नागरिक प्रशासन के साथ निकट समन्वय में, पूर्णतः विधिसम्मत, संरचित और सतत प्रयासों के माध्यम से संपन्न की गई।

मिस अंजना भट्ट एक दिवंगत टेरिटोरियल आर्मी अधिकारी की पुत्री हैं। तत्काल पारिवारिक सहयोग के अभाव में तथा उनके पैतृक आवास पर असामाजिक तत्वों द्वारा अवैध कब्जा किए जाने के कारण उन्हें लंबे समय तक व्यक्तिगत, चिकित्सकीय और कानूनी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। इस परिस्थिति को दृष्टिगत रखते हुए, अपनी नैतिक और संस्थागत जिम्मेदारी का निर्वहन करते हुए, मध्य उत्तर प्रदेश सब एरिया के तत्वावधान में भारतीय सेना ने उनकी सुरक्षा, कल्याण और विधिसम्मत न्याय सुनिश्चित करने के लिए सक्रिय भूमिका निभाई।

सेना की इस पहल के अंतर्गत उनके कल्याण की निरंतर निगरानी की गई, आवश्यक संस्थागत सहयोग उपलब्ध कराया गया तथा स्थानीय नागरिक प्रशासन के साथ निरंतर समन्वय स्थापित किया गया। स्थिति का विस्तृत आकलन करने के उपरांत, विधिक प्रक्रिया के अंतर्गत अवैध रूप से कब्जाई गई संपत्ति को मुक्त कराने हेतु समन्वित प्रशासनिक और कानूनी कार्रवाई प्रारंभ की गई। इस दौरान जिला प्रशासन, कानून प्रवर्तन एजेंसियों और कानूनी प्रतिनिधियों के साथ लगातार संपर्क बनाए रखा गया, ताकि समस्त कार्रवाई पारदर्शी, विधिसम्मत और समयबद्ध रूप से संपन्न हो सके।

मेजर विशाल कनौजिया को औपचारिक रूप से मिस अंजना भट्ट का फोस्टर अभिभावक नियुक्त किया गया, ताकि संपूर्ण प्रक्रिया की प्रभावी निगरानी और समन्वय सुनिश्चित किया जा सके। सेना की ओर से कार्य करते हुए उन्होंने कानूनी कार्यवाहियों की नियमित प्रगति सुनिश्चित की, नागरिक प्रशासन के साथ आवश्यक समन्वय स्थापित किया और अत्यंत कठिन समय में उन्हें निरंतर व्यक्तिगत सहयोग प्रदान किया। उनके सतत प्रयासों और समर्पण के परिणामस्वरूप किसी भी प्रकार के आगे के शोषण को रोका जा सका और उनके अधिकारों की प्रभावी रक्षा सुनिश्चित हुई।

इन निरंतर प्रयासों के फलस्वरूप त्वरित और प्रभावी कार्रवाई की गई, जिसके परिणामस्वरूप अवैध रूप से कब्जाई गई संपत्ति को खाली कराया गया और मिस अंजना भट्ट के पैतृक आवास की विधिवत पुनः प्राप्ति सुनिश्चित हुई। यह कार्रवाई शांतिपूर्ण, विधिसम्मत और नागरिक प्रशासन के पूर्ण सहयोग से संपन्न की गई, जो सुदृढ़ सैन्य–नागरिक समन्वय का स्पष्ट उदाहरण है।

सफल पुनः प्राप्ति के उपरांत, मिस अंजना भट्ट ने आज उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से भेंट कर राज्य सरकार द्वारा प्रदत्त त्वरित और संवेदनशील सहयोग के लिए अपना हार्दिक आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर उनके साथ मध्य उत्तर प्रदेश सब एरिया के जनरल ऑफिसर कमांडिंग मेजर जनरल मनीष कुकरेती, मध्य उत्तर प्रदेश सब एरिया की फैमिली वेलफेयर ऑर्गेनाइजेशन की अध्यक्षा श्रीमती संगीता कुकरेती तथा मेजर विशाल कनौजिया उपस्थित रहे।

यह संवाद उत्तरदायी शासन, प्रभावी सैन्य–नागरिक समन्वय और भारतीय सेना की अपने कार्मिकों तथा उनके परिवारों के साथ प्रत्येक परिस्थिति में दृढ़ता से खड़े रहने की अटूट प्रतिबद्धता को रेखांकित करता है। यह प्रकरण सेना के उस मूल सिद्धांत को पुनः स्थापित करता है, जिसके अंतर्गत वह अपने लोगों की रक्षा, न्याय की स्थापना और मानवता के साथ सेवा को युद्धभूमि से परे भी सर्वोपरि मानती है।

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