माघ पूर्णिमा स्नान पर्व पर उमड़ा सनातन की आस्था का सैलाब,पावन संगम में 2.1 करोड़ श्रद्धालुओं ने लगाई पुण्य डुबकी

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माघ पूर्णिमा स्नान पर्व पर उमड़ा सनातन की आस्था का सैलाब,पावन संगम में 2.1 करोड़ श्रद्धालुओं ने लगाई पुण्य डुबकी

माघ पूर्णिमा स्नान पर्व के साथ ही कल्पवास का समापन, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी श्रद्धालुओं को दी माघ पूर्णिमा की बधाई

ओजस्वी किरण ब्यूरों

प्रयागराज। प्रयागराज के संगम तट में लगे आस्था के सबसे बड़े वार्षिक धार्मिक और सांस्कृतिक समागम माघ मेले के पांचवे स्नान पर्व माघ पूर्णिमा पर सनातन की आस्था का सैलाब उमड़ा है। साफ मौसम और सुगम व्यवस्था से भी श्रद्धालुओं की संख्या में रिकॉर्ड बढ़ोत्तरी दर्ज की गई है।

माघ मेला के पांचवें स्नान पर्व माघ पूर्णिमा पर श्रद्धालुओं की मौजूदगी ने अपने पिछले माघ मेला के माघ पूर्णिमा स्नान पर्व को पीछे छोड़ दिया है। माघ मेला अधिकारी ऋषिराज का कहना है कि 31 जनवरी की रात्रि से ही संगम तट पर श्रद्धालुओं की भीड़ बढ़ रही थी। रात में ही यहां 35 लाख लोग स्नान कर यहां से सकुशल प्रस्थान कर चुके थे। 1 जनवरी को सुबह आठ बजे तक यह आंकड़ा 90 लाख तक पहुंच गया।

मौसम साफ और सुगम व्यवस्था के चलते श्रद्धालु सुगमता से माघी का स्नान कर अपने गंतव्य की तरफ प्रस्थान करते रहे। माघ पूर्णिमा के पुण्य काल के समापन तक माघ मेले में 2.1 करोड़ से अधिक लोगों ने पुण्य की डुबकी लगाई है जो अब तक के माघ मेलों में माघ पूर्णिमा स्नान की बड़ी संख्या है।

कल्पवास का समापन, आध्यात्मिक ऊर्जा लेकर माघ मेला क्षेत्र से विदा हो रहे 5 लाख कल्पवासी

प्रयागराज माघ मेला क्षेत्र में एक महीने से प्रवाहित हो रही जप, तप और साधना की त्रिवेणी की धारा के साक्षी रहे कल्पवासियों की माघ पूर्णिमा स्नान के साथ विदाई हो गई। पौष पूर्णिमा के स्नान पर्व के साथ त्रिवेणी की रेत पर शुरू हुआ कल्पवास का माघ पूर्णिमा स्नान पर्व के साथ समापन हो गया। सभी कल्पवासी स्नान, दान और मां गंगा का आशीष लेकर माघ मेले की आध्यात्मिक ऊर्जा के साथ अपने-अपने गंतव्य की तरफ प्रस्थान कर गए। कल्पवासियों ने तीर्थ पुरोहितों के सानिध्य में विधि विधान से दान और हवन का अनुष्ठान पूरा किया। मेला क्षेत्र के प्रयागवाल नगर में दुर्गाशक्ति कल्पवासी शिविर के तीर्थ पुरोहित और अखिल भारतीय तीर्थ पुरोहित महा सभा के राष्ट्रीय मंत्री माधवानंद शर्मा का कहना है कि योगी सरकार की तरफ से महाकुंभ के भव्य और दिव्य आयोजन के बाद इस बार सभी शिविरों में कल्पवासियों की संख्या में अभूतपूर्व बढ़ोत्तरी दर्ज हुई है। प्रशासन की तरफ से माघ मेला क्षेत्र में पहली बार प्रयागवाल नगर बसाया गया जिससे कल्पवासियों के लिए बेहतर व्यवस्था हो सकी है।

माघ मेले से विदा होते भावुक हुए कल्पवासी

कुम्भ और अर्ध कुम्भ का आयोजन देश के चार स्थानों प्रयागराज, उज्जैन, नासिक और हरिद्वार में होता है, लेकिन कल्पवास की परम्परा केवल प्रयागराज में है। इस वर्ष महाकुम्भ के आयोजन के ठीक बाद हुए माघ मेले ने भी कल्पवास को विशिष्ट बना दिया क्योंकि कुंभ के बाद ही कल्पवास के लिए नए लोग संकल्प लेते हैं। मेला क्षेत्र के विभिन्न सेक्टर में प्रवास कर रहे इन कल्पवासियों का अनुभव भी इस बार अलग रहा । इटावा से लगातार पांचवे साल कल्पवास करने आई 95 बरस की अंगूरी दुबे का कहना है कि इटावा और उसके आसपास के जिलों से कल्पवास करने कम लोग आते थे लेकिन इस बार उनके साथ ही पांच लोग आए हैं। कल्पवासियों के शिविर में स्वच्छता, जल और बिजली की व्यवस्था अच्छी है। गंगा मैया का निर्मल जल स्नान के लिए उपलब्ध रहा है। मन प्रसन्न है। प्रतापगढ़ के रहने वाले सेवा निवृत डिप्टी जेलर कृष्ण कांत शुक्ला ने 12 साल का कल्पवास पूरा कर इस साल अगले 12 साल के लिए फिर कल्पवास का संकल्प लिया । कृष्ण कांत का कहना है कि शिविरों में सरकार की तरफ से उत्तम व्यवस्था कराई गई। उनकी नई पीढ़ी भी उनके साथ इस बार कल्पवास करने उनके साथ आई है। संत मुख्यमंत्री की सरकार में सनातन की जड़े निरंतर मजबूत हो रही हैं।

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