वित्तीय वर्ष 2026-2027 के बजट अनुमानों पर माननीय वित्त मंत्री जी के बजट भाषण का प्रमुख अंश आवास एवं शहरी नियोजन

1 min read

वित्तीय वर्ष 2026-2027 के बजट अनुमानों पर माननीय वित्त मंत्री जी के बजट भाषण का प्रमुख अंश आवास एवं शहरी नियोजन

ओजस्वी किरण ब्यूरों लखनऊ

आवास एवं शहरी नियोजन हेतु 7,705 करोड़ रूपये की व्यवस्था प्रस्तावित है। 

मुख्यमंत्री शहरी विस्तारीकरण/नये शहर प्रोत्साहन योजना हेतु 3,500 करोड़ रूपये की व्यवस्था प्रस्तावित है। इस योजना के अन्तर्गत मेरठ में 35 वर्ष, आगरा में 33 वर्ष, लखनऊ में 22 वर्षों बाद नयी आवासीय योजना तथा बुन्दलशहर में प्रथम बार औद्योगिक योजना लांच की गयी है। 

काशी-विन्ध्य क्षेत्र क्षेत्रीय विकास प्राधिकरण का गठन किया गया है जिसके अन्तर्गत समाहित जनपदों जौनपुर, चन्दौली, गाजीपुर, मिर्जापुर, भदोही एवं सोनभद्र का समेकित नियोजित विकास सम्भव हो सकेगा। प्रयागराज-चित्रकूट क्षेत्र क्षेत्रीय विकास प्राधिकरण का गठन भी प्रक्रियाधीन है। 

रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम के अन्तर्गत दिल्ली-गाजियाबाद- मेरठ नमो भारत ट्रेन का संचालन प्रारम्भ हो चुका है। 

लखनऊ विकास क्षेत्र तथा प्रदेश के अन्य सभी विकास प्राधिकरणों के विकास योजना के अन्तर्गत विभिन्न अवसंरचना कार्यों हेतु 800 करोड़ रूपये की व्यवस्था प्रस्तावित है। 

मेरठ, मथुरा-वृन्दावन एवं कानपुर विकास प्राधिकरण के अन्तर्गत अवस्थापना सुविधाओं के विकास की नई योजना हेतु 750 करोड़ रूपये की व्यवस्था प्रस्तावित है।

नई योजना-सिटी इकोनॉमिक रीजन हेतु 100 करोड़ रूपये की व्यवस्था प्रस्तावित है।  

अयोध्या के सर्वांगीण विकास हेतु 100 करोड़ रूपये की व्यवस्था प्रस्तावित है। 

लखनऊ में राष्ट्र प्रेरणा स्थल का निर्माण किया गया है, जिसका लोकार्पण माननीय प्रधानमंत्री द्वारा दिनाँक 25 दिसम्बर, 2025 को किया जा चुका है। राष्ट्र प्रेरणा स्थल के प्रबन्धन, संचालन, सुरक्षा एवं अनुरक्षण कोष हेतु कॉर्पस फण्ड हेतु 50 करोड़ रूपये की व्यवस्था प्रस्तावित है।

अतिरिक्त ऊर्जा स्रोत

अतिरिक्त ऊर्जा स्रोत के विकास हेतु लगभग 2,104 करोड़ रूपये की व्यवस्था प्रस्तावित है जो वर्ष 2025-2026 की तुलना में दो गुने से अधिक है। 

उत्तर प्रदेश सौर ऊर्जा नीति-2022, उत्तर प्रदेश राज्य जैव ऊर्जा नीति-2022 एवं उत्तर प्रदेश ग्रीन हाइड्रोजन नीति-2024 के अन्तर्गत 5 वर्षों में 22,000 मेगावॉट विद्युत उत्पादन का लक्ष्य रखा गया है। 

पी.एम.कुसुम सूर्यघर योजना प्रदेश में सघन रूप से संचालित है इस हेतु 1,500 करोड़ रूपये की व्यवस्था प्रस्तावित है।  

अयोध्या एवं मथुरा सहित 17 नगर निगमों को सोलर सिटी के रूप में विकसित किया जा रहा है। 

ग्रामीण क्षेत्रों में अब तक प्रदेश में लगभग 5.20 लाख सोलर स्ट्रीट लाइट संयंत्रों की स्थापना करायी जा चुकी है। 

उत्तर प्रदेश राज्य जैव नीति-2022 के अन्तर्गत प्रदेश में 36 सीबीजी संयंत्रों की स्थापना करायी जा चुकी है,जो देश में सबसे अधिक है। 

ग्रीन हाईड्रोजन के क्षेत्र में उत्तर प्रदेश ग्रीन हाइड्रोजन नीति-2024 प्रख्यापित की गयी है जिसके अन्तर्गत प्रदेश में 2 सेन्टर ऑफ एक्सीलेंस की स्थापना की स्वीकृति प्रदान की गयी है।

सड़क एवं सेतु

सड़कों एवं सेतुओं के निर्माण, चौड़ीकरण एवं अनुरक्षण हेतु 34,468 करोड़ रूपये की व्यवस्था प्रस्तावित है। 

प्रदेश में नॉर्थ-साउथ कॉरिडोर के विकास हेतु मार्गों के चौडीकरण/सुदृढ़ीकरण /निर्माण हेतु 400 करोड़ रूपये की व्यवस्था प्रस्तावित है।

प्रदेश में सेतुओं हेतु 4,808 करोड़ रूपये एवं रेल उपरिगामी/अधोगामी सेतुओं के निर्माण हेतु 1,700 करोड़ रूपये की व्यवस्था प्रस्तावित है।

राज्य/प्रमुख/अन्य जिला मार्र्गांे के चौड़ीकरण/सुदृढ़ीकरण कार्यों हेतु 3,700 करोड़ रूपये की व्यवस्था प्रस्तावित है। 

राज्य सड़क निधि से सड़कों के अनुरक्षण हेतु 3,000 करोड़ रूपये तथा सड़कों के निर्माण/ चौड़ीकरण/सुदृढ़ीकरण हेतु 3,000 करोड़ रूपये की व्यवस्था प्रस्तावित है। 

शहरवासियों के आवागमन को सुगम बनाने दृष्टिगत शहरों के बाईपास एवं रिंगरोड तथा चौराहों पर फ्लाईओवर आदि के निर्माण हेतु 1,500 करोड़ रूपये की व्यवस्था प्रस्तावित है। 

औद्योगिक/लॉजिस्टिक पार्क हेतु मार्गों के चौड़ीकरण/ सुदृढ़ीकरण/निर्माण कार्य हेतु 1,000 करोड़ रूपये की व्यवस्था प्रस्तावित है।

नमामि गंगे एवं ग्रामीण जलापूर्ति

नमामि गंगे एवं ग्रामीण जलापूर्ति हेतु लगभग 22,676 करोड़ रूपये की व्यवस्था प्रस्तावित है। 

योजना के अन्तर्गत प्रदेश के समस्त 2.67 करोड़ ग्रामीण परिवारों को क्रियाशील गृह नल संयोजन प्रदान करने के लक्ष्य के सापेक्ष 2.43 करोड़ घरों में क्रियाशील गृह नल संयोजन उपलब्ध कराया जा चुका है। 

वित्तीय वर्ष 2026-2027 में जल जीवन मिशन के समस्त घटकों हेतु लगभग 22,452 करोड़ रूपये की व्यवस्था प्रस्तावित है। 

गंगा को प्रदूषण मुक्त बनाये रखने एवं उसमें दूषित जल का उत्प्रवाह रोकने के लिये सीवरेज संबंधी कुल 74 परियोजनाएं स्वीकृत हुई हैं। अब तक 41 परियोजनाएं पूर्ण कर संचालित की जा रही हैं तथा शेष परियोजनाएं निर्माणाधीन है।

खादी एवं ग्रामोद्योग

‘‘मुख्यमंत्री ग्रामोद्योग रोजगार योजना’’ के अन्तर्गत वर्ष 2026-2027 में 800 इकाईयों को 40 करोड़ रूपये बैंक ऋण से नये उद्यम स्थापित कराकर 16,000 लोगों को रोजगार उपलब्ध कराये जाने का लक्ष्य है।

पं. दीनदयाल ग्रामोद्योग रोजगार योजनान्तर्गत ग्रामीण क्षेत्र में स्थापित इकाईयों को बैंक ऋण पर ब्याज उपादान की सुविधा हेतु 10 करोड़ रूपये की व्यवस्था प्रस्तावित है।

कम्बल उत्पादन केन्द्र, खजनी, गोरखपुर के आधुनिकीकरण की नई योजना प्रस्तावित की जा रही है जिसके लिये 07 करोड़ 50 लाख रूपये की व्यवस्था प्रस्तावित है। 

उत्तर प्रदेश माटीकला बोर्ड द्वारा माटीकला के परम्परागत कारीगरों के चहुँमुखी विकास हेतु संचालित माटीकला समन्वित विकास कार्यक्रम के लिये 13 करोड़ रूपये की व्यवस्था प्रस्तावित है।

आईटी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स

आई.टी.एवं इलेक्ट्रॉनिक्स की योजनाओं के लिये 2,059 करोड़ रूपये की व्यवस्था प्रस्तावित है जो वर्ष 2025-2026 की तुलना में 76 प्रतिशत अधिक है। 

एआई के क्षेत्र में विकास हेतु उत्तर प्रदेश एआई मिशन का आरम्भ किया जा रहा है जिसके लिये 225 करोड़ रूपये की व्यवस्था प्रस्तावित है। 

इण्डिया एआई मिशन के साथ प्रदेश की 49 आई.टी.आई. को एआई लैब के साथ ही राज्य में एआई सेन्टर ऑफ एक्सीलेंस तथा इण्डिया एआई डाटा लैब्स की स्थापना हेतु 32 करोड़ 82 लाख रूपये की व्यवस्था है।

साइबर सुरक्षा संचालन केन्द्र की स्थापना की नई योजना प्रस्तावित की जा रही है जिसके लिये 95 करोड़ 16 लाख रूपये की व्यवस्था प्रस्तावित है।  

मुख्यमंत्री के नेतृत्व में एआई-प्रजा कार्यक्रम की शुरूआत की गई है और इस पहल में माइक्रोसॉफ्ट, गूगल, इंटेल, आईबीएम, और वन एम वन बी जैसी वैश्विक स्तर की कम्पनियाँ एआई प्रशिक्षण में हमारे साथ काम कर रही हैं जिसमें किसानों, स्वयं सहायता समूहों, विद्यार्थियों, डॉक्टरों सहित राजकीय अधिकारियों/कर्मचारियों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। 

प्रदेश में 30,000 करोड़ रूपये के अनुमानित निवेश से 8 डाटा सेन्टर पार्क की स्थापना तथा 900 मेगावॉट क्षमता का लक्ष्य रखा गया है।

अद्यतन 8 परियोजनाओं को लेटर ऑफ कम्फर्ट निर्गत किये गये हैं जिनमें 6 डाटा सेन्टर पार्क्स और 2 डाटा सेन्टर इकाईयाँ हैं। इससे लगभग 21,342 करोड़ रूपये का निवेश तथा 644 मेगावॉट की क्षमता अर्जित की गयी।

 

You May Also Like

More From Author

+ There are no comments

Add yours