प्रतियोगी छात्र ने फांसी लगाकर की आत्महत्या,मामा के घर रहकर करता था पढ़ाई

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प्रतियोगी छात्र ने फांसी लगाकर की आत्महत्या,मामा के घर रहकर करता था पढ़ाई

ओजस्वी किरण संवाददाता

प्रयागराज। नैनी थाना क्षेत्र में एक प्रतियोगी छात्र ने शुक्रवार रात फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। वह शिवनगर डांडी स्थित अपने मामा के घर रहकर प्रतियोगी पढ़ाई कर रहा था। उसने शुक्रवार रात अपने कमरे का दरवाजा अंदर से बंद कर लिया। उसने रोशनदान में गमछे का फंदा बनाकर फांसी लगा ली। आस पड़ोस के लोगों ने जानकारी 112 को दी। जिसके बाद मौके पर पहुंची नैनी पुलिस ने पहुंचकर लोहे के दरवाजे को तोड़ा और शव को फंदे से निकाल कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। घटना की जांच शुरू कर दी है। मौत का कारण स्पष्ट नहीं हो सका है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार विपुल सिंह बघेल (22) पुत्र अजीत सिंह मध्य प्रदेश के रीवा स्थित पनासी सोहागी का निवासी था। उसके पिता अजीत सिंह गांव में किसानी करते हैं, विपुल अपने माता-पिता की तीन बेटियों के बाद सबसे छोटा बेटा था। जबकि मामा विनोद सिंह फौज में रांची में तैनात हैं। विपुल अपने मामा के घर पर रहकर तैयारी करता था। वह मामा के मकान में अकेला रहता था। गांव से पढ़ने के लिए परिवार के लोगों ने विपुल को प्रयागराज भेजा था। शुक्रवार की रात वह अपने कमरे अंदर से दरवाजे में कुंडी लगाया और रोशनदान में गमछे का फंदा बनाकर गले में डाल कर खुदकुशी कर लीं।

परिजनों के अनुसार, विपुल पढ़ाई में काफी कमजोर था। जिसके कारण उसे प्रयागराज मामा के घर पढ़ने के लिए भेजा गया था। घटना आके लेकर परिवार के लोग कुछ बता नहीं पा रहे हैं। पुलिस आत्महत्या के कारणों का पता लगाने के लिए मामले की गहनता से जांच कर रही है।

विपुल सिंह रोज अपने कमरे से निकलकर कुछ दूर पर एक चाय की दुकान पर चाय पीने जाता था। शुक्रवार को दुकान पर नहीं गया। पूरे दिन वह नहीं दिखा तो पड़ोसियों को शक हुआ। इसके बाद मामा विनोद सिंह को फोन पर सूचना दी गई। जिसके बाद डायल 112 को सूचना मिली।

जानकारी होने पर नैनी पुलिस पहुंची और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजते हुए परिजनों को सूचना कर दी। सूचना पर परिजन प्रयागराज नहीं पहुंचे और घटना के बारे में पुलिस से जानकारी ली। नैनी चौकी प्रभारी शिव कुमार गुप्ता ने बताया कि कमरे में शव मिलने की सूचना पर पहुंचकर जांच पड़ताल की गई। इसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। मौत का कारण स्पष्ट नहीं हो सका है।

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