इलाहाबाद विश्वविद्यालय में पुरा छात्र सम्मेलन का शुभारंभ 

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इलाहाबाद विश्वविद्यालय में पुरा छात्र सम्मेलन का शुभारंभ 

‘फैमिलियर फेसेज़ फिएस्टा’ में कला, यादों और कविताओं का संगम

 ओजस्वी किरण ब्यूरो 

प्रयागराज। इलाहाबाद केंद्रीय विश्वविद्यालय में शनिवार को पुरा छात्र सम्मेलन “फैमिलियर फेसेज फिएस्टा” का भव्य आयोजन किया गया। दशकों बाद अपनी मातृसंस्था लौटे पूर्व छात्रों की आंखों में पुरानी यादें और चेहरे पर मुस्कान तैर गई। कार्यक्रम का शुभारंभ कुलपति और एलुमिनाई एसोसिएशन की चेयरपर्सन प्रो. संगीता श्रीवास्तव ने दीप प्रज्वलित कर किया।

समारोह के दौरान कुलपति ने उन शिक्षकों को विशेष रूप से सम्मानित किया, जिन्होंने विश्वविद्यालय में उत्कृष्ट शिक्षा और परिसर को हरा-भरा बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। इसके बाद हिमांशु बाजपेई ने अपनी मशहूर ‘दास्तानगोई’ शैली से कार्यक्रम में चार चांद लगा दिए। सीनेट परिसर की निराला आर्ट गैलरी में पूर्व छात्रों के लिए विशेष कला प्रदर्शनी और फूड गैलरी भी लगाई गई, जहां आगंतुकों ने लजीज व्यंजनों का लुत्फ उठाया।

प्रो. संगीता श्रीवास्तव ने पूर्व छात्रों का स्वागत करते हुए कहा कि पुरा छात्रों के आने से विश्वविद्यालय को नई ऊर्जा मिलती है। उन्होंने साझा किया कि वर्ष 2024 में एलुमिनाई एसोसिएशन के पंजीकरण के बाद से यह आयोजन निरंतर हो रहा है। कुलपति ने बताया कि पिछले 6 वर्षों में शिक्षकों के रिक्त पद भरे गए और परिसर को हरा-भरा बनाया गया है। साथ ही, 190 नए कोर्सेज की शुरुआत और शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार से विश्वविद्यालय को NAAC A+ ग्रेड हासिल हुआ है। उन्होंने पूर्व छात्रों को विश्वविद्यालय के मील के पत्थर बताया।

शाम को सीनेट परिसर के ऐतिहासिक बरगद लॉन में कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया। इसमें पद्मश्री डॉ. अशोक चक्रधर, डॉ. सुनील जोगी और मशहूर शायर वसीम बरेलवी ने अपनी रचनाओं से समां बांधी। इस सम्मेलन में विशेष रूप से वर्ष 2005 या उससे पहले के छात्रों को आमंत्रित किया गया है। पुराने दोस्तों से मिलकर एलुमिनाई बेहद उत्साहित नजर आए। किसी ने छात्र जीवन की शरारतें याद कीं, तो किसी ने यूनिवर्सिटी की सीढ़ियों पर बिताए खट्टे-मीठे अनुभव साझा किए। पूर्व छात्रों ने विश्वविद्यालय के कायाकल्प की सराहना करते हुए कहा कि यहाँ से मिली शिक्षा ही उनके जीवन की सबसे बड़ी उपलब्धि है।

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