कमला नेहरू अस्पताल में नवजात पुनर्जीवन राष्ट्रीय सम्मेलन आयोजित
विशेषज्ञों ने साझा किए अनुभव, सीमित संसाधनों में नवाचार पर जोर
ओजस्वी किरण ब्यूरो
प्रयागराज। कमला नेहरू मेमोरियल हॉस्पिटल व रीजनल कैंसर सेंटर ने शनिवार को अपनी सेवा के 85 वर्ष सफलतापूर्वक पूर्ण कर लिए हैं। इस उपलब्धि पर अस्पताल के ‘स्कूल ऑफ हेल्थ साइंसेज’ द्वारा ‘नवजात पुनर्जीवन – कौशल आधारित राष्ट्रीय सम्मेलन’ का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम की शुरुआत में कमला नेहरू को उनके सेवा और समर्पण के लिए श्रद्धांजलि अर्पित की गई। यह सम्मेलन विशेष रूप से नर्सिंग और पैरामेडिकल स्टाफ के लिए आयोजित किया गया। जिसका उद्देश्य नवजात शिशुओं की जीवन-रक्षा के लिए व्यावहारिक ज्ञान और आधुनिक कौशलों को सुदृढ़ करना था।
सम्मेलन में देश के प्रतिष्ठित विशेषज्ञों ने महत्वपूर्ण विषयों पर अपने अनुभव साझा किए। हरेंद्र शर्मा (लखनऊ) ने सीमित संसाधनों में उपकरणों के नवाचार और जीवनरक्षक प्राथमिकताओं पर प्रकाश डाला। डॉ. नाइकी मिंज (बिहार) ने प्री-टर्म शिशुओं के पुनर्जीवन की तकनीकों के बारे में विस्तार से बताया। डॉ. अमन ओहरी (प्रयागराज) और डॉ. ऋतु जैन ने सिमुलेशन के माध्यम से वयस्क एवं नवजात पुनर्जीवन की साक्ष्य-आधारित विधियों चर्चा की।
अस्पताल की मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ. मधु चंद्रा के नेतृत्व में आयोजित इस कार्यक्रम में एक महत्वपूर्ण घोषणा भी की गई। अस्पताल प्रशासन ने निर्णय लिया है कि आगामी वर्ष से प्रत्येक 28 फरवरी को अस्पताल परिसर में निःशुल्क स्वास्थ्य जांच शिविर का आयोजन किया जाएगा ताकि समाज के हर वर्ग तक सुलभ स्वास्थ्य सेवाएं पहुंच सकें। उन्होंने कहा कि 85 वर्षों की इस यात्रा ने अस्पताल के गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा और स्वास्थ्य शिक्षा के संकल्प को और अधिक सुदृढ़ किया है।

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