मुख्यमंत्री का निर्देश, होली, रमजान, ईद व नवरात्र शांति और सौहार्द से मनें, उपद्रव पर होगी सख्त कार्रवाई

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शरारतन माहौल बिगाड़ने वाले उपद्रवियों पर कार्रवाई ऐसी हो, जो नजीर बने: मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री का निर्देश, होली, रमजान, ईद व नवरात्र शांति और सौहार्द से मनें, उपद्रव पर होगी सख्त कार्रवाई

नहीं बजें अभद्र गीत-संगीत नहीं बजना चाहिए, उत्साह में कोई ऐसा काम न करें जो अन्य किसी को आहत करे: मुख्यमंत्री

त्योहारों और बोर्ड परीक्षाओं के मद्देनजर कानून-व्यवस्था पर कड़ी नजर, लापरवाही पर तय होगी अधिकारियों की जवाबदेही

कानफोड़ू लाउडस्पीकर हटाने के निर्देश, संवाद के माध्यम से ध्वनि प्रदूषण पर नियंत्रण के निर्देश

ओजस्वी किरण ब्यूरों

लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि होली, रमजान, ईद सहित आगामी पर्वों के दौरान शरारतन माहौल बिगाड़ने की कोशिश करने वाले उपद्रवियों के खिलाफ ऐसी सख्त कार्रवाई की जाए, जो नजीर बने। उन्होंने कहा है कि सामाजिक सौहार्द और कानून-व्यवस्था से खिलवाड़ करने की एक भी हरकत बर्दाश्त नहीं की जाएगी। ऐसी हर कोशिश पर सख्ती से कार्रवाई होगी। मुख्यमंत्री ने प्रशासन और पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिए कि संवेदनशील परिस्थितियों को देखते हुए पूरी सतर्कता के साथ कार्य करें और सभी पर्व-त्योहार सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न कराए जाएं।

शनिवार देर शाम आयोजित उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने होली, रमजान, नवरोज, ईद सहित सभी आगामी पर्व-त्योहारों की तैयारियों की समीक्षा करते हुए फील्ड अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। बैठक में आईजीआरएस, सीएम हेल्पलाइन तथा जन-शिकायत निस्तारण की स्थिति की भी विस्तृत समीक्षा की गई।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आगामी दिनों में होली के साथ नवरोज, ईद और बासंतिक नवरात्र का पर्व है तथा बोर्ड परीक्षाएं भी हो रही हैं। यह अवधि कानून-व्यवस्था की दृष्टि से संवेदनशील है, इसलिए बीते पाँच वर्षों की घटनाओं की समीक्षा कर उनसे सीख लेते हुए प्रभावी प्रबंध किए जाएं। उन्होंने दो टूक कहा कि यदि प्रदेश में कहीं भी समाज में विद्वेष फैलाने वाली घटनाएं घटित होती हैं तो संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी। पुलिस पेट्रोलिंग बढ़ाई जाए और शोभायात्राओं के दौरान विशेष सतर्कता बरती जाए, साथ ही साफ-सफाई की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि होलिका दहन समितियों तथा पीस कमेटियों की बैठकें अनिवार्य रूप से आयोजित की जाएं, ताकि पर्वों के दौरान आपसी समन्वय और सौहार्द बना रहे। होलिका दहन सुरक्षित स्थान पर ही हो। उन्होंने निर्देश दिए कि होली के अवसर पर कहीं भी अभद्र गीत-संगीत नहीं बजना चाहिए और किसी के उत्साह में ऐसा कोई कृत्य न हो जिससे किसी वर्ग, समुदाय या व्यक्ति को नीचा दिखाने या परेशान करने की स्थिति उत्पन्न हो। मुख्यमंत्री ने कहा कि पर्व उल्लास और भाईचारे का प्रतीक होते हैं, न कि किसी को आहत करने का माध्यम।

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि कानफोड़ू आवाज वाले लाउडस्पीकरों को हटाया जाए। उन्होंने कहा कि अब भी कई धर्मस्थलों पर ऐसे लाउडस्पीकर लगे हुए हैं, जिन्हें संवाद और समन्वय के माध्यम से हटाया जाना चाहिए ताकि ध्वनि प्रदूषण पर प्रभावी नियंत्रण हो सके। मुख्यमंत्री ने लोकल इंटेलिजेंस को और अधिक मजबूत करने तथा सोशल मीडिया पर सतत निगरानी रखने की आवश्यकता पर भी बल दिया। उन्होंने निर्देश दिए कि फेक अकाउंट्स की गतिविधियों पर विशेष नजर रखी जाए और किसी भी प्रकार की भ्रामक या अफवाह फैलाने वाली सूचना का स्थानीय प्रशासन द्वारा त्वरित एवं प्रभावी खंडन किया जाए, ताकि समय रहते स्थिति को नियंत्रित किया जा सके और कानून-व्यवस्था प्रभावित न हो।

होली के अवसर पर लोगों के आवागमन में वृद्धि को देखते हुए मुख्यमंत्री ने परिवहन निगम को अतिरिक्त बसें संचालित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि केवल फिटनेस मानकों पर खरी उतरने वाली बसों को ही संचालन में लगाया जाए तथा निजी ऑपरेटरों द्वारा मनमाना किराया वसूले जाने पर सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। परिवहन निगम के अधिकारियों को फील्ड में उतरकर आमजन की सुविधा सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए। उन्होंने कहा कि निगम के अधिकारी यह सुनिश्चित करें कि बसें सड़क किनारे न खड़ी हों, अपनी तय जगह पर ही रहें।

ऊर्जा विभाग को निर्देश देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि मार्च माह में पर्व-त्योहारों और बोर्ड परीक्षाओं को ध्यान में रखते हुए प्रदेश में निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित की जाए और रोस्टरिंग न की जाए। साथ ही पेयजल की उपलब्धता, ग्रामीण एवं नगरीय क्षेत्रों में बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं बनाए रखने तथा निराश्रित गोवंश संरक्षण की व्यवस्था को और अधिक प्रभावी करने के निर्देश भी दिए गए। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि यह सुनिश्चित किया जाए कि प्रदेश में कहीं भी जहरीली अथवा अवैध मदिरा न तो बने न ही बिके।

बैठक में जनसुनवाई समाधान प्रणाली की जनवरी 2026 की मासिक रैंकिंग भी प्रस्तुत की गई, जिसके माध्यम से मंडलायुक्त, पुलिस रेंज, पुलिस जोन, जिलाधिकारी तथा पुलिस आयुक्त/वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक/पुलिस अधीक्षक स्तर पर प्राप्त शिकायतों के प्रभावी, गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध निस्तारण के आधार पर प्रदर्शन का आकलन किया गया। मुख्यमंत्री ने उत्कृष्ट कार्य करने वाले अधिकारियों और इकाइयों की सराहना की, जबकि अपेक्षित प्रदर्शन न करने वाली इकाइयों को कार्यप्रणाली में सुधार के निर्देश दिए। उन्होंने जनसुनवाई व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ और पारदर्शी बनाने पर जोर देते हुए प्रत्येक शिकायत का संवेदनशीलता के साथ त्वरित समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

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