अमेरिका–इज़राइल हमले में ईरान के सुप्रीम लीडर खामेनेई, उनकी बेटी, दामाद व नाती मारे गये
ओजस्वी किरण ब्यूरों
तेहरान। ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत को लेकर शनिवार को अंतरराष्ट्रीय मीडिया और सोशल प्लेटफॉर्म्स पर तेज़ी से दावे सामने आए। कुछ रिपोर्ट्स में कहा गया कि संयुक्त राज्य अमेरिका और इज़राइल द्वारा तेहरान में की गई कथित बमबारी में खामेनेई, उनकी बेटी, दामाद और नाती मारे गए।
हालांकि, ईरानी अधिकारियों ने इन दावों को सिरे से खारिज करते हुए इन्हें ‘साइकोलॉजिकल वॉरफेयर’ करार दिया है। सरकारी बयानों में कहा गया कि सुप्रीम लीडर सुरक्षित हैं और ऐसी खबरें दुष्प्रचार का हिस्सा हैं।
कुछ मीडिया आउटलेट्स ने यह भी दावा किया कि ईरान में 40 दिनों के सार्वजनिक शोक की घोषणा कर दी गई है, लेकिन इसकी आधिकारिक पुष्टि सामने नहीं आई है। ईरान से जुड़े विश्वसनीय सरकारी चैनलों पर भी ऐसी किसी घोषणा की पुष्टि नहीं होती।
इस बीच, डोनाल्ड ट्रंप और कुछ इज़राइली अधिकारियों के हवाले से खामेनेई की मौत के दावे किए गए, जिन पर तेहरान ने तीखी प्रतिक्रिया दी। इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स से जुड़ी फार्स न्यूज एजेंसी और तस्नीम न्यूज एजेंसी के नाम पर चल रही कुछ रिपोर्ट्स की भी आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी है।
खामेनेई कौन हैं?
अयातुल्ला अली हुसैनी खामेनेई का जन्म 19 अप्रैल 1939 को मशहद में हुआ। उन्होंने मशहद और बाद में कोम में इस्लामिक थियोलॉजी की पढ़ाई की और 1979 की इस्लामिक क्रांति के नेता रूहोल्लाह खोमैनी से प्रभावित रहे।
उन्होंने शाह मोहम्मद रज़ा पहलवी के खिलाफ आंदोलन में सक्रिय भूमिका निभाई। क्रांति के बाद, 1981 में ईरान–इराक युद्ध के दौरान, वे राष्ट्रपति बने। उसी वर्ष एक हमले में वे घायल हुए, जिससे उनके दाहिने हाथ पर स्थायी असर पड़ा। 1989 में खोमैनी की मृत्यु के बाद खामेनेई को ईरान का सुप्रीम लीडर चुना गया।

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