होली पर SRN चिकित्सालय में मरीजों की बढ़ी संख्या, 365 मरीजों का हुआ उपचार –एक्सीडेंट और फूड पॉइजनिंग के मामले रहे अधिक
ओजस्वी किरण ब्यूरो
प्रयागराज। होली जैसे बड़े पर्व के दौरान मोतीलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज से संबद्ध स्वरूप रानी नेहरू चिकित्सालय (SRN Hospital) में मरीजों की आमद बढ़ी रही। 4 मार्च प्रातः 8:00 बजे से 5 मार्च शाम 6:00 बजे तक अस्पताल की इमरजेंसी एवं विभिन्न विभागों में कुल 365 मरीजों का उपचार किया गया।
मेडिकल कॉलेज के मीडिया प्रभारी डॉ. संतोष सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि इस अवधि में मेडिसिन विभाग में 67 मरीज, ट्रॉमा सेंटर में 38 मरीज तथा इमरजेंसी ओपीडी में 260 मरीज पहुंचे। त्योहार के दौरान आने वाले मरीजों में फूड पॉइजनिंग के मामले सबसे अधिक देखने को मिले, जबकि कई मरीज रंगों से एलर्जी, त्वचा में जलन, सड़क दुर्घटनाओं तथा नशे की स्थिति में गिरने के कारण अस्पताल पहुंचे।
उन्होंने बताया कि त्योहारों के दौरान खानपान में अनियमितता, बासी या अस्वच्छ भोजन तथा अत्यधिक तले-भुने खाद्य पदार्थों के सेवन के कारण फूड पॉइजनिंग के मामलों में वृद्धि देखी जाती है। ऐसे मामलों में मरीजों को उल्टी, दस्त, पेट दर्द और कमजोरी की शिकायत के साथ अस्पताल आना पड़ा। चिकित्सकों की टीम ने सभी मरीजों को समय पर उपचार उपलब्ध कराया।
प्रधानाचार्य डॉ. वी.के. पांडेय ने बताया कि होली के अवसर पर अस्पताल प्रशासन द्वारा विशेष इमरजेंसी व्यवस्था की गई थी। चिकित्सकों, नर्सिंग स्टाफ एवं पैरामेडिकल कर्मचारियों की अतिरिक्त ड्यूटी लगाई गई थी, ताकि किसी भी आपात स्थिति से प्रभावी ढंग से निपटा जा सके। अस्पताल की टीम की तत्परता के कारण सभी मरीजों को शीघ्र उपचार मिला और कोई गंभीर स्थिति सामने नहीं आई।
डॉ. संतोष सिंह ने बताया कि त्योहारों के दौरान विशेष रूप से युवाओं में नशे की प्रवृत्ति तथा तेज गति से दोपहिया वाहन चलाने के कारण ट्रॉमा के मामले भी सामने आते हैं। हालांकि SRN अस्पताल के अत्याधुनिक ट्रॉमा सेंटर एवं बर्न यूनिट के कारण सभी मरीजों को बेहतर चिकित्सा सुविधा प्रदान की गई।
होली के अवसर पर की गई इस विशेष व्यवस्था का लाभ प्रयागराज शहर के साथ-साथ आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों से आए मरीजों को भी मिला। अस्पताल प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि त्योहारों के दौरान खानपान में सावधानी बरतें, नशे से बचें और सुरक्षित तरीके से पर्व मनाएं, ताकि दुर्घटनाओं और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से बचा जा सके।

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