मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने की बजट और विकास कार्यों की समीक्षा, दिए कड़े निर्देश
ओजस्वी किरण ब्यूरो
लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आज लखनऊ में एक उच्चस्तरीय बैठक के दौरान वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट प्राविधानों, वित्तीय स्वीकृतियों एवं वास्तविक व्यय की प्रगति की गहन समीक्षा की। इस दौरान मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को कड़े निर्देश देते हुए कहा कि विकास कार्यों और जनकल्याणकारी योजनाओं को गति देने के लिए बजट का समयबद्ध, पारदर्शी और प्रभावी उपयोग सुनिश्चित किया जाए।
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की समीक्षा बैठक के मुख्य बिंदु और निर्देश
1. वित्तीय स्वीकृतियां और व्यय की गति
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बजट प्राविधानों के सापेक्ष वित्तीय स्वीकृतियां जारी करने और व्यय की रफ्तार को तुरंत तेज करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि अगले दो महीनों के भीतर हर हाल में 70 प्रतिशत वित्तीय स्वीकृतियां जारी कर दी जाएं और कुल आवंटित बजट के सापेक्ष कम से कम 60 प्रतिशत व्यय धरातल पर सुनिश्चित किया जाए।

2. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ग्रामीण अर्थव्यवस्था और किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) पर दिया जोर
प्रदेश की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के लिए बैंकों के क्रेडिट-डिपॉजिट (CD) अनुपात में उल्लेखनीय सुधार लाने पर विशेष जोर दिया गया। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि राज्य के प्रत्येक पात्र किसान को किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) का लाभ मिलना चाहिए। इसके लिए ग्रामवार और किसानवार मैपिंग कराकर पात्र किसानों को चिह्नित किया जाए और उन्हें बैंकिंग सुविधाओं से जोड़ा जाए।
3. रूरल क्रेडिट कॉन्क्लेव का आयोजन
ग्रामीण क्षेत्रों में ऋण (लोन) की उपलब्धता को आसान बनाने तथा बैंकिंग व्यवस्था को और अधिक प्रभावी व पारदर्शी बनाने के लिए ‘रूरल क्रेडिट कॉन्क्लेव’ जैसे विशेष आयोजनों की रूपरेखा तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं।
4. नियमित निगरानी और मैदानी समीक्षा
वित्त विभाग को बजट व्यय की नियमित निगरानी करने और इसकी प्रगति रिपोर्ट सीधे मुख्यमंत्री कार्यालय को उपलब्ध कराने को कहा गया है। साथ ही, सभी विभागाध्यक्षों और वरिष्ठ अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे कार्यालयों तक सीमित न रहकर फील्ड (क्षेत्र) में जाएं और विकास कार्यों की प्रगति की खुद नियमित समीक्षा करें।
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निष्कर्ष
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अंत में दोटूक शब्दों में कहा कि प्रदेश में विकास और जनकल्याण से जुड़ी किसी भी योजना के लिए धन की कोई कमी नहीं होने दी जाएगी, लेकिन उपलब्ध बजट का प्रभावी और समयबद्ध उपयोग करना संबंधित विभागों की पूरी जिम्मेदारी होगी।

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