23 जनवरी को सोरांव क्षेत्र के अंतर्गत ऐतिहासिक धरती सोरांव शिवगढ़ में हिंदू राष्ट्र रक्षक महाराजा सुहेलदेव पासी की जन्म जयंती के अवसर पर एक भव्य शोभायात्रा एवं विशाल रैली का आयोजन किया गया – आयोजक भावी विधायक सोरांव एवं अपना दल (एस) के पूर्व प्रदेश सचिव किशन सरोज

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23 जनवरी को सोरांव क्षेत्र के अंतर्गत ऐतिहासिक धरती सोरांव शिवगढ़ में हिंदू राष्ट्र रक्षक महाराजा सुहेलदेव पासी की जन्म जयंती के अवसर पर एक भव्य शोभायात्रा एवं विशाल रैली का आयोजन किया गया – आयोजक भावी विधायक सोरांव एवं अपना दल (एस) के पूर्व प्रदेश सचिव किशन सरोज

विधानसभा सोरांव में आयोजक — भावी विधायक किशन सरोज, पूर्व प्रदेश सचिव, अपना दल (एस) — के तत्वावधान में ऐतिहासिक धरती सोरांव शिवगढ़ में हिंदू राष्ट्र रक्षक महाराजा सुहेलदेव पासी की जन्म जयंती के अवसर पर आयोजित भव्य शोभायात्रा एवं विशाल रैली कार्यक्रम में सम्मिलित होने का सौभाग्य प्राप्त हुआ।

ओजस्वी किरण ब्यूरो

सोरांव (प्रयागराज)।
आज दिनांक 23 जनवरी को विधानसभा सोरांव क्षेत्र के अंतर्गत ऐतिहासिक धरती सोरांव शिवगढ़ में हिंदू राष्ट्र रक्षक महाराजा सुहेलदेव पासी की जन्म जयंती के अवसर पर एक भव्य शोभायात्रा एवं विशाल रैली का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का आयोजक भावी विधायक सोरांव एवं अपना दल (एस) के पूर्व प्रदेश सचिव किशन सरोज के तत्वाधन में संपन्न हुआ।

कार्यक्रम में क्षेत्र के हजारों की संख्या में तमाम कार्यकर्ता, समाजसेवी, युवा, महिलाएं शामिल हुए। शोभायात्रा में महाराजा सुहेलदेव के चित्र व झांकियां आकर्षण का केंद्र रहीं। पूरे क्षेत्र में “महाराजा सुहेलदेव अमर रहें”, “हिंदू राष्ट्र रक्षक महाराजा सुहेलदेव को नमन” जैसे नारों से वातावरण गूंज उठा।

इस अवसर पर उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए किशन सरोज ने कहा  “महाराजा सुहेलदेव पासी भारतीय इतिहास के ऐसे महान योद्धा थे, जिन्होंने विदेशी आक्रांताओं के विरुद्ध संघर्ष कर सनातन संस्कृति एवं राष्ट्र की रक्षा की। उनका जीवन साहस, शौर्य और त्याग का प्रतीक है, जिससे आज की युवा पीढ़ी को प्रेरणा लेनी चाहिए।”

उन्होंने आगे कहा “समाज के अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक न्याय, सम्मान और अधिकार पहुंचाना ही महाराजा सुहेलदेव को सच्ची श्रद्धांजलि होगी। ऐसे आयोजनों से समाज में एकता, जागरूकता और राष्ट्रभक्ति की भावना मजबूत होती है।

रैली के दौरान सुरक्षा व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम किए गए थे। कार्यक्रम शांतिपूर्ण और अनुशासित वातावरण में संपन्न हुआ। अंत में महाराजा सुहेलदेव पासी के चित्र पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धापूर्वक नमन किया गया।

इस ऐतिहासिक आयोजन ने क्षेत्र में सामाजिक समरसता और सांस्कृतिक चेतना को एक नई दिशा प्रदान की तथा जनता में भारी उत्साह देखने को मिला।

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