लखनऊ में बड़े आतंकी हमले की साजिश का खुलासा; NIA की चार्जशीट में विधानसभा, बापू भवन और बड़ा इमामबाड़ा आतंकियों के निशाने पर

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लखनऊ में बड़े आतंकी हमले की साजिश का खुलासा

NIA की चार्जशीट में विधानसभा, बापू भवन और बड़ा इमामबाड़ा आतंकियों के निशाने पर

​लखनऊ (ब्यूरो रिपोर्ट): उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ को दहलाने की एक बेहद खौफनाक और बड़ी आतंकी साजिश का पर्दाफाश हुआ है। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) की जांच में सामने आया है कि यूपी विधानसभा, बापू भवन (सिविल सचिवालय) और ऐतिहासिक बड़ा इमामबाड़ा समेत राजधानी के कई बेहद संवेदनशील और भीड़भाड़ वाले इलाके आतंकियों के निशाने पर थे।

​यह सनसनीखेज इनपुट दिल्ली के लाल किला क्षेत्र में पिछले साल 10 नवंबर 2025 को हुए कार बम ब्लास्ट केस की जांच के दौरान सामने आया है, जिसे लेकर एनआईए ने हाल ही में विशेष अदालत में 7,500 पन्नों की विस्तृत चार्जशीट दाखिल की है।

​’फैमिली ट्रिप’ के बहाने फरीदाबाद से आकर की थी रेकी

​एनआईए की चार्जशीट के मुताबिक, इस साजिश को अंजाम देने के लिए अल-कायदा के सहयोगी संगठन ‘अंसार गजवत-उल-हिंद’ (AGuH) से जुड़े इस मॉड्यूल के दो मुख्य आरोपियों– डॉ. मुजम्मिल शकील और डॉ. शाहीन सईद ने अगस्त 2025 में लखनऊ का दौरा किया था। समाज में सम्मानजनक स्थान रखने वाले इन ‘व्हाइट-कॉलर’ आरोपियों ने सुरक्षा एजेंसियों को चकमा देने के लिए हरियाणा के फरीदाबाद से लखनऊ तक की इस यात्रा को एक सामान्य ‘फैमिली ट्रिप’ (पारिवारिक दौरा) का रूप दिया था।

​जांच में सामने आया है कि 25 से 30 अगस्त 2025 के बीच इन आरोपियों ने लखनऊ के लालबाग के खंडारी बाजार स्थित एक रिश्तेदार के घर पर पनाह ली और कार से घूम-घूम कर यूपी सरकार के प्रतीक माने जाने वाले महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों की गहन रेकी की।

​कार बम और ‘मदर ऑफ सैटर्न’ से धमाके की थी योजना

​सूत्रों के अनुसार, आतंकियों ने जिन इलाकों को अपने नापाक मिशन के लिए चुना था, उनमें विधानसभा, सचिवालय (बापू भवन) के अलावा लखनऊ के मशहूर व्यापारिक केंद्र अमीनाबाद और ऐतिहासिक स्थल बड़ा इमामबाड़ा शामिल थे। एजेंसियों को आशंका है कि यह मॉड्यूल दिल्ली की तर्ज पर ही लखनऊ में भी ‘कार बम’ या अत्यधिक खतरनाक और संवेदनशील माने जाने वाले TATP (Triacetone Triperoxide) यानी ‘मदर ऑफ सैटर्न’ विस्फोटक का इस्तेमाल कर सिलसिलेवार धमाके (Serial Blasts) करने की फिराक में था।

​चार्जशीट के मुताबिक, शाहीन के फोन से उन दुकानों की लिस्ट भी बरामद हुई है, जहां से विस्फोटक बनाने के लिए रसायनों की खरीद की जानकारी जुटाई गई थी। हालांकि, समय रहते सुरक्षा एजेंसियों द्वारा इस पूरे आतंकी मॉड्यूल का भंडाफोड़ कर दिए जाने से यह बड़ी साजिश नाकाम हो गई। इस खुलासे के बाद उत्तर प्रदेश के सुरक्षा महकमे और लखनऊ के संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक कड़ा कर दिया गया है।

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