खबर का महा-असर: ‘ओजस्वी किरण’ की रिपोर्ट के बाद हिला शासन, प्रिंसिपल बदले; अब DM का अल्टीमेटम!

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ओजस्वी किरण इम्पैक्ट:

SRN अस्पताल की रिपोर्ट के बाद हिला शासन; प्रिंसिपल के तबादले के बाद अब DM का बड़ा एक्शन, आयुष्मान कार्ड पर अल्टीमेटम

जब कलम चली, तो हिल गई सत्ता की कुर्सी !

SRN Hospital Prayagraj Ground Report Ayushman Bharat Scheme
प्रयागराज के स्वरूप रानी नेहरू (SRN) अस्पताल में आयुष्मान भारत योजना की जमीनी हकीकत पर एक विशेष रिपोर्ट।

प्रयागराज (ओजस्वी किरण ब्यूरो)। प्रयागराज के स्वरूप रानी नेहरू (SRN) अस्पताल में ‘आयुष्मान भारत योजना’ के नाम पर चल रही अव्यवस्थाओं और मरीजों के दर्द को उजागर करती ‘ओजस्वी किरण’ की निर्भीक ग्राउंड रिपोर्ट का महा-असर हुआ है। इस खबर के वायरल होने और शासन द्वारा संज्ञान लिए जाने के बाद, पिछले 24 घंटों के भीतर प्रयागराज की स्वास्थ्य व्यवस्था में बड़े प्रशासनिक फेरबदल और कड़े फैसले देखने को मिले हैं।

UP Government Order Dr Ajay Kumar Verma Principal MLN Medical College Prayagraj
उत्तर प्रदेश शासन द्वारा जारी आदेश: डॉ. अजय कुमार वर्मा को राजकीय मेडिकल कॉलेज, प्रयागराज के प्रधानाचार्य पद का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया।

​पहली बड़ी कार्रवाई : प्रिंसिपल का तबादला

‘ओजस्वी किरण’ ने अपनी रिपोर्ट में बताया था कि कैसे गंभीर मरीजों को MRI के लिए 3 महीने की वेटिंग और मामूली दवाओं के लिए दर-दर भटकना पड़ता है। इस सच्चाई के सामने आते ही शासन ने मोतीलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज के प्रधानाचार्य को तत्काल प्रभाव से हटा दिया है। उनकी जगह प्रख्यात अस्थि रोग विशेषज्ञ डॉ. ए.के. वर्मा को नया प्रधानाचार्य नियुक्त किया गया है। डॉ. वर्मा ने कार्यभार संभाल लिया है और उनसे व्यवस्था में सुधार की बड़ी उम्मीदें हैं।

DM Prayagraj Health System Review SRN Hospital Report
“प्रयागराज की स्वास्थ्य व्यवस्था और SRN अस्पताल में मरीजों को हो रही असुविधाओं के बीच प्रशासन की भूमिका।”

​दूसरी बड़ी कार्रवाई: जिलाधिकारी की सख्त चेतावनी

अस्पताल के भीतर की हकीकत सामने आने के बाद जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा भी एक्शन मोड में आ गए हैं। बुधवार को जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक में DM ने अधिकारियों को जमकर फटकार लगाई। उन्होंने दो टूक कहा कि आयुष्मान कार्ड बनाने में प्रयागराज की खराब रैंकिंग अब बर्दाश्त नहीं होगी। उन्होंने सभी चिकित्सा अधीक्षकों को प्रतिदिन 200 गोल्डन कार्ड बनाने का लक्ष्य दिया है और चेतावनी दी है कि लक्ष्य पूरा न होने पर सीधे दंडात्मक कार्यवाही की जाएगी।

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​लापरवाही पर गिरेगी गाज : वेतन रोकने के निर्देश

बैठक में केवल चेतावनी ही नहीं, बल्कि कार्रवाई के आदेश भी जारी हुए। जननी सुरक्षा योजना के भुगतान में देरी पर मुख्य विकास अधिकारी (CDO) हर्षिका सिंह ने सभी ब्लॉक लेखा प्रबंधकों का वेतन रोकने का निर्देश दिया है। साथ ही, लंबे समय से ड्यूटी से नदारद चल रहे सीएचओ (CHO) की संविदा समाप्त करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

Principal charge handover ceremony
संस्थान के पुराने प्रधानाचार्य द्वारा नए प्रधानाचार्य को पुष्पगुच्छ भेंट कर कार्यभार सौंपने का एक दृश्य।

​निष्कर्ष : आपकी आवाज, हमारा संकल्प

यह बदलाव इस बात का प्रमाण है कि यदि जनता की समस्याओं को सही ढंग से उठाया जाए, तो सिस्टम को झुकना पड़ता है। ‘ओजस्वी किरण’ अपने उन तमाम पाठकों का आभार व्यक्त करता है जिन्होंने इस मुहिम को मजबूती दी। हमारी नजर अब नए प्रशासन की कार्यप्रणाली पर टिकी है, ताकि आयुष्मान योजना का लाभ वाकई हर गरीब की दहलीज तक पहुँच सके।

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