दवा की जानकारी छिपाना पड़ सकता है भारी: ऑपरेशन के बाद सामने आया स्टेरॉयड का असर
डॉ.इलाक्षी शुक्ला, उप-संपादक
चिकित्सकों का कहना है कि किसी भी ऑपरेशन से पहले मरीज को अपनी सभी दवाओं और बीमारियों की पूरी जानकारी डॉक्टर को अवश्य देनी चाहिए। छोटी-सी जानकारी छिपाने से कभी-कभी उपचार के दौरान गंभीर जटिलताएँ सामने आ सकती हैं।
हाल ही में जसरा स्थित रस्तोगी नर्सिंग होम में ऐसा ही एक मामला सामने आया। जसरा के एक प्रतिष्ठित व्यावसायिक परिवार की 40 वर्षीय महिला मरीज पित्त की थैली में पथरी (गॉलब्लैडर स्टोन) की समस्या से पीड़ित थीं। चिकित्सकीय परामर्श के बाद उन्होंने ऑपरेशन कराने का निर्णय लिया। अनुभवी सर्जन की टीम द्वारा उनका ऑपरेशन सफलतापूर्वक किया गया।
हालांकि ऑपरेशन के बाद मरीज का ब्लड प्रेशर कम होने लगा, हृदय गति बढ़ गई और पेशाब की मात्रा कम हो गई, जिससे चिकित्सकों को स्थिति की गहराई से जांच करनी पड़ी।
विस्तृत जांच और बातचीत के दौरान यह जानकारी सामने आई कि मरीज थायरॉयड की दवा के साथ-साथ पिछले लगभग एक वर्ष से एक अन्य दवा भी ले रही थीं, जिसकी जानकारी उन्होंने ऑपरेशन से पहले चिकित्सकों को नहीं दी थी। यह दवा उन्होंने स्थानीय मेडिकल स्टोर से लेकर नियमित रूप से ली थी।
मामले में वरिष्ठ फिजिशियन एवं कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. अभिषेक झा से परामर्श किया गया। जांच और चिकित्सकीय चर्चा के बाद यह स्पष्ट हुआ कि मरीज द्वारा ली जा रही दवा में स्टेरॉयड मौजूद था। लंबे समय तक स्टेरॉयड सेवन के कारण शरीर की एड्रिनल ग्रंथि (Adrenal gland) की स्वाभाविक हार्मोन बनाने की क्षमता दब गई थी। ऑपरेशन के बाद अचानक स्टेरॉयड बंद होने से एड्रिनल सप्रेशन की स्थिति उत्पन्न हो गई।
चिकित्सकों ने समय रहते मरीज को आवश्यक उपचार और नियंत्रित मात्रा में स्टेरॉयड देना शुरू किया। उपचार के बाद मरीज की स्थिति धीरे-धीरे सामान्य हो गई और बाद में उन्हें स्वस्थ अवस्था में छुट्टी दे दी गई।
विशेषज्ञ की सलाह
स्वरूप रानी नेहरू चिकित्सालय के मीडिया प्रभारी एवं सर्जन डॉ. संतोष सिंह का कहना है कि मरीजों को किसी भी ऑपरेशन से पहले अपनी सभी दवाओं की जानकारी डॉक्टर को अवश्य देनी चाहिए।
उन्होंने बताया कि
“बिना चिकित्सकीय सलाह के लंबे समय तक स्टेरॉयड या अन्य दवाओं का सेवन शरीर की हार्मोन प्रणाली को प्रभावित कर सकता है। ऑपरेशन से पहले हर दवा की सही जानकारी देना मरीज की सुरक्षा के लिए अत्यंत आवश्यक है।”
ऑपरेशन से पहले मरीज क्या बताएं
• कौन-कौन सी दवाएं नियमित रूप से ले रहे हैं
• किसी मेडिकल स्टोर से ली जा रही दवाएं या सप्लीमेंट
• थायरॉयड, डायबिटीज, बीपी जैसी पुरानी बीमारियां
• पहले से चल रहा कोई इलाज या एलर्जी
• कोई आयुर्वेदिक या हर्बल दवा

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