15 इंच का बांस पेट में फंसा रहा, डॉक्टरों की सूझबूझ से बची मरीज की जान
डॉ इलाक्षी शुक्ला, उप-संपादक
प्रयागराज के कमला मल्टी स्पेशलिटी अस्पताल में डॉक्टरों की मेहनत, धैर्य और इंसानियत की मिसाल उस समय देखने को मिली, जब एक 55 वर्षीय मरीज के पेट से करीब 15 इंच लंबा बांस का टुकड़ा निकालकर उसकी जान बचा ली गई।
मरीज को चार दिन पहले पेट में गंभीर चोट लगी थी। इसके बाद उसकी हालत बिगड़ती चली गई। पेट में तेज दर्द, उल्टी, कमजोरी और संक्रमण के लक्षण बढ़ने लगे। परिजन उसे गंभीर अवस्था में अस्पताल लेकर पहुंचे।
मरीज पहले से ही शुगर, ब्लड प्रेशर और किडनी की बीमारी से पीड़ित था,जिससे इलाज और भी मुश्किल हो गया था। शुरुआती जांच में कोई बड़ी समस्या सामने नहीं आई, लेकिन जांघ के पास लगे टांकों से मवाद निकल रहा था।
इलाज के दौरान जब घाव लगातार बिगड़ने लगा और संक्रमण कमर तक फैल गया, तब डॉक्टरों ने तुरंत ऑपरेशन का फैसला लिया।
ऑपरेशन के दौरान डॉक्टर भी हैरान रह गए,जब उन्हें मरीज के पेट के अंदर लंबा बांस का टुकड़ा मिला। यह बांस घाव के रास्ते शरीर में घुस गया था और कई दिनों तक अंदर ही फंसा रहा।
इस संबंध में वरिष्ठ सर्जन डॉ. सुनील विश्वकर्मा ने बताया—“यह मामला हमारे लिए बेहद चुनौतीपूर्ण था। मरीज की हालत बहुत नाजुक थी। इतने दिनों तक शरीर में बांस रहने के बावजूद किसी बड़े अंग को नुकसान नहीं पहुंचना भगवान की कृपा है। टीम की मेहनत और समय पर इलाज से ही मरीज की जान बच सकी।”
डॉ. विश्वकर्मा ने कहा कि अगर थोड़ी भी देर हो जाती, तो संक्रमण पूरे शरीर में फैल सकता था और मरीज को बचाना मुश्किल हो जाता।
ऑपरेशन के बाद मरीज की हालत में लगातार सुधार हो रहा है और डॉक्टरों की निगरानी में उसका इलाज जारी है।
मरीज के परिजनों ने डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ की सराहना करते हुए कहा कि यह घटना चिकित्सा सेवा, समर्पण और टीमवर्क का बेहतरीन उदाहरण है।

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