जन अधिकार यात्रा के चौथे दिन मिला भारी जनसमर्थन,मनरेगा बचाओ जनचौपाल
ओजस्वी किरण ब्यूरों
प्रयागराज। मनरेगा बचाओ “जनचौपाल” जन अधिकार यात्रा के चौथे दिन हंडिया क्षेत्र के नेवादा, ब्यूर, माधोपुर, दुसौती और समोधीपुर गांवों में जनचौपाल का आयोजन किया गया। इन गांवों में आयोजित चौपालों में बड़ी संख्या में युवाओं, किसानों, मजदूरों और महिलाओं ने भाग लेकर मनरेगा के समर्थन और मजदूर अधिकारों की रक्षा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की।
चौपाल का आयोजन डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा के समीप किया गया, जहां मनरेगा कर्मियों, ग्रामीण किसानों, मजदूरों और महिलाओं की उल्लेखनीय उपस्थिति रही। वक्ताओं ने कहा कि महात्मा गांधी देश के शोषित, वंचित, गरीब, मजदूर और किसान वर्ग के अधिकारों के सबसे बड़े प्रतीक थे। उनके विचारों के अनुरूप बनी मनरेगा जैसी ऐतिहासिक और अधिकार आधारित योजना को वर्तमान नीतियों के माध्यम से कमजोर किया जा रहा है, जिससे मजदूरों और ग्रामीण गरीबों के जीवन पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि देश का युवा, मजदूर और श्रमिक वर्ग अपने अधिकारों पर किसी भी प्रकार का हमला बर्दाश्त नहीं करेगा।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए यूपी युवा कांग्रेस के प्रदेश उपाध्यक्ष जितेश कुमार मिश्रा ने कहा कि मजदूरों और ग्रामीण गरीबों के अधिकारों को कमजोर करने वाली नीतियों का लोकतांत्रिक तरीके से विरोध किया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह यात्रा मजदूरों, किसानों और युवाओं की आवाज को मजबूत करने का एक महत्वपूर्ण प्रयास है। एनएसयूआई के राष्ट्रीय सचिव अक्षय यादव “क्रांतिवीर” ने कहा कि मनरेगा केवल एक योजना नहीं, बल्कि ग्रामीण गरीबों के लिए रोजगार का कानूनी अधिकार है। उन्होंने कहा कि इसके स्थान पर लाई जा रही नई व्यवस्थाएं मजदूरों के हितों की रक्षा करने में सक्षम नहीं हैं और इससे विशेष रूप से महिला मजदूरों की स्थिति प्रभावित हो सकती है।
इस अवसर पर पूर्व ज़िला पंचायत सदस्य रमेश भारतीय, एनएसयूआई जिलाध्यक्ष आयुष नारायण मिश्रा, एकलाख अहमद, राजा, गौरव यादव, नैनेश कुमार, आदर्श प्रजापति, अनुराग यादव, आलोक कुमार, रणबीर सिंह सहित अनेक सामाजिक कार्यकर्ता, छात्र नेता और स्थानीय ग्रामीण उपस्थित रहे।

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