फर्जी हस्ताक्षर बनाने पर शिक्षक प्रधानाध्यापिका निलंबित
ओजस्वी किरण ब्यूरों
प्रयागराज के कंपोजिट विद्यालय राजापुर मांडा में शिक्षकों की लापरवाही उजागर हुई। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) अनिल कुमार ने 14 फरवरी को मांडा विकास खंड के कंपोजिट विद्यालय राजापुर औचक निरीक्षण करने पहुंचे तो पता चला कि यहां सहायक अध्यापक कौशल सिंह एक अक्टूबर 2025 से बिना सूचना के स्कूल नहीं आ रहे, फिर भी प्रधानाध्यापिका रजिया फरहाना उनके वेतन की नियमित निकासी कराती रहीं। कई दिनों तक स्कूल न आने और फर्जी हस्ताक्षर बनाकर वेतन लेने पर दोनों को निलंबित कर हस्ताक्षर रजिस्टर जब्त कर लिया गया है। बीएसए ने 15 दिनों में स्पष्टीकरण मांगा है,बीईओ मांडा को भी नोटिस जारी हो गया है, क्योंकि दोनों शिक्षकों की मिलीभगत के आरोप लगे हैं। स्कूल में 337 बच्चों का नामांकन है। निरीक्षण में 70 प्रतिशत उपस्थिति मिली, लेकिन शैक्षिक स्तर और कार्यप्रणाली असंतोषजनक पाई गई। एक प्रधानाध्यापिका, चार सहायक अध्यापक, दो अनुदेशक और एक शिक्षामित्र कार्यरत हैं। निरीक्षण के समय प्रधानाध्यापिका बीआरसी मांडा में प्रशिक्षण पर थीं। दोनों अनुदेशक एक घंटे देर से पहुंचे, जिन्हें चेतावनी दी गई। सहायक अध्यापक हर्ष प्रताप सिंह भी बीच-बीच में अनुपस्थित रहते हैं, जैसा कक्षा 7-8 के छात्रों ने बताया। महिला अनुदेशक समय पर आती हैं, लेकिन निरीक्षण दिवस देर हुई।ग्रामीणों और अभिभावकों की शिकायतों पर बीएसए ने कार्रवाई की। कौशल सिंह वर्षों से अनुपस्थित थे, फिर भी वेतन मिलता रहा। यह उत्तर प्रदेश सरकारी कर्मचारी आचरण नियमावली-1956 का उल्लंघन है और बच्चों के भविष्य से खिलवाड़। बीएसए अनिल कुमार ने कहा कि ऐसी लापरवाही बर्दाश्त नहीं। आगे जांच जारी रहेगी।

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