माघ मेले में आस्था का महासैलाब: 44 दिनों में 22 करोड़ श्रद्धालुओं ने लगाई डुबकी, परिवहन विभाग ने रचा इतिहास

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माघ मेले में आस्था का महासैलाब: 44 दिनों में 22 करोड़ श्रद्धालुओं ने लगाई डुबकी, परिवहन विभाग ने रचा इतिहास

ओजस्वी किरण ब्यूरों

प्रयागराज। संगम की रेती पर आयोजित माघ मेला 2026 अपनी भव्यता और रिकॉर्ड तोड़ भीड़ के साथ संपन्न हुआ। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, 3 जनवरी से शुरू हुए इस धार्मिक समागम में अब तक कुल 22 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं ने संगम में स्नान किया। यह संख्या प्रशासन के शुरुआती अनुमान (12-15 करोड़) से कहीं अधिक रही।

उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम (UPSRTC) के आंकड़ों के अनुसार, 3 जनवरी से 15 फरवरी तक चले इस धार्मिक महाकुंभ में कुल 22 करोड़ श्रद्धालु पहुंचे। निगम ने इस मेगा इवेंट में परिवहन व्यवस्था को अभूतपूर्व रूप से संभाला, जो एक नया कीर्तिमान स्थापित करने वाला साबित हुआ।मेले की अवधि में निगम की बसों से कुल 13,09,812 यात्रियों ने सफर किया। प्रतिदिन औसतन 1214 बसें सड़कों पर दौड़ीं। छह प्रमुख स्नान पर्वों पर 8,509 बसें उतारी गईं, जिनमें 2,31,050 श्रद्धालुओं ने यात्रा की। मौनी अमावस्या (18 जनवरी) पर चरम भीड़ रही, जब 4.52 करोड़ भक्त संगम स्नान के लिए उमड़े। इस दिन निगम ने रिकॉर्ड 2,387 बसें चलाईं, जिनमें 74,462 यात्री सवार हुए। भीड़ प्रबंधन के लिए 485 बसें रिजर्व में रखी गईं।प्रमुख स्नान पर्वों पर निगम का प्रदर्शन उल्लेखनीय रहा। पौष पूर्णिमा (3 जनवरी) पर 783 बसों से 16,341 यात्री, मकर संक्रांति (15 जनवरी) पर 1,540 बसों से 30,627 यात्री, बसंत पंचमी (23 जनवरी) पर 1,526 बसों से 48,111 यात्री, माघी पूर्णिमा (1 फरवरी) पर 1,297 बसों से 42,753 यात्री और महा शिवरात्रि (15 फरवरी) पर 976 बसों से 18,756 यात्री पहुंचे।परिवहन निगम के इस सफल संचालन ने न केवल श्रद्धालुओं को सुगम यात्रा दी, बल्कि उत्तर प्रदेश की परिवहन क्षमता को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाया। मेला समापन के साथ ही संगम की लहरें आस्था की यह गाथा गुनगुना रही हैं।

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