माघ मेले में उमड़ा अपार जनसैलाब, शाम 4 बजे तक 3.82 करोड़ श्रद्धालुओं ने लगाई आस्था की डुबकी

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ओजस्वी किरण LIVE | मौनी अमावस्या स्नान 2026

माघ मेले में उमड़ा अपार जनसैलाब, शाम 4 बजे तक 3.82 करोड़ श्रद्धालुओं ने लगाई आस्था की डुबकी

प्रयागराज। माघ मेले के सबसे बड़े स्नान पर्व मौनी अमावस्या पर संगम नगरी प्रयागराज में श्रद्धा का महासागर उमड़ पड़ा। शाम 4 बजे तक करीब 3.82 करोड़ श्रद्धालुओं ने गंगा-यमुना-सरस्वती के पवित्र संगम में आस्था की डुबकी लगाई। यह आंकड़ा प्रशासन के 3 करोड़ अनुमान से भी अधिक है, जिससे मेला क्षेत्र में जनसैलाब का ऐतिहासिक दृश्य बना हुआ है।

✅ LIVE अपडेट्स (लगातार अपडेट)

🔴 4:00 PM अपडेट:

➡️ 3.82 करोड़ श्रद्धालुओं ने संगम में स्नान किया। भीड़ लगातार बढ़ रही है।

🔴 भीड़ का दबाव बढ़ा:

➡️ संगम तट के साथ-साथ सभी प्रमुख घाटों पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखी जा रही है।

➡️ स्नान का सिलसिला रात तक जारी रहने की संभावना।

🔴 प्रशासन का अनुमान पीछे छूटा:

➡️ प्रशासन ने लगभग 3 करोड़ श्रद्धालुओं के आने का अनुमान लगाया था, लेकिन संख्या उससे भी अधिक पहुंच गई।

🔴 कल भी रिकॉर्ड स्नान:

➡️ बीते दिन 1.5 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं ने संगम में स्नान किया था।

➡️ लगातार बढ़ती संख्या ने व्यवस्थाओं को बड़ी चुनौती दी है।

🟠 सुरक्षा के कड़े इंतजाम:

➡️ मेला क्षेत्र में पुलिस-प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर है।

➡️ भीड़ नियंत्रण के लिए बैरिकेडिंग, कंट्रोल रूम और सेक्टर मजिस्ट्रेट तैनात।

🟡 यातायात व्यवस्था सख्त:

➡️ श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए रूट डायवर्जन और पैदल मार्गों को प्राथमिकता।

➡️ कुछ क्षेत्रों में वाहन प्रवेश नियंत्रित रखा गया है।

🟢 देश-विदेश से पहुंचे श्रद्धालु:

➡️ मौनी अमावस्या पर स्नान को मोक्षदायी माना जाता है।

➡️ इसी आस्था के चलते देशभर से लाखों श्रद्धालु प्रयागराज पहुंचे हैं।

  1. मौनी अमावस्या स्नान का महत्व

मौनी अमावस्या पर संगम स्नान को धर्मशास्त्रों में विशेष पुण्यदायी बताया गया है। मान्यता है कि इस दिन स्नान करने से पापों का नाश और मोक्ष की प्राप्ति होती है।

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