दैनिक पंचांग बुधवार, 4 फरवरी 2026 :ज्योतिषाचार्य अरुण देव शास्त्री

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दैनिक पंचांग बुधवार, 4 फरवरी 2026 :ज्योतिषाचार्य अरुण देव शास्त्री

ओजस्वी किरण ज्योतिषी 

​विक्रम संवत: 2082 (कालयुक्त)

​शक संवत: 1947 (विश्वावसु)

​मास: फाल्गुन, कृष्ण पक्ष

​तिथि: तृतीया (रात्रि 12:09 तक, तदोपरांत चतुर्थी)

​नक्षत्र: पूर्वाफाल्गुनी (रात्रि 10:12 तक, फिर उत्तराफाल्गुनी)

​योग: अतिगण्ड (अगले दिन सुबह 01:05 तक)

​करण: वणिज (दोपहर 12:19 तक, फिर विष्टि/भद्रा)

​चंद्र राशि: सिंह (अगले दिन तड़के 04:20 तक, फिर कन्या)

​सूर्य राशि: मकर

​शुभ-अशुभ समय

​सूर्योदय: प्रातः 07:08 | सूर्यास्त: सायं 06:03

​राहुकाल: दोपहर 12:35 से 01:57 तक (शुभ कार्यों के लिए वर्जित)

​ब्रह्म मुहूर्त: प्रातः 05:22 से 06:15 तक

​अमृत काल: सायं 03:59 से 05:35 तक

​दैनिक राशिफल (4 फरवरी 2026)

​मेष: घर में खुशी का माहौल रहेगा। नई संपत्ति या वाहन की खरीदारी के योग हैं। विद्यार्थियों को सफलता मिलेगी।

वृष: निवेश के लिए दिन उत्तम है। अटके हुए धन की प्राप्ति हो सकती है। मधुर व्यवहार से शत्रुओं को भी मित्र बना लेंगे।

मिथुन: आर्थिक स्थिति में सुधार होगा। किसी मूल्यवान वस्तु की प्राप्ति संभव है। वाहन सावधानी से चलाएं।

कर्क: व्यापारिक निर्णय सोच-समझकर लें। जीवनसाथी के साथ सामंजस्य बना रहेगा, पर वाणी पर संयम रखें।

सिंह: कार्यक्षेत्र में आपकी प्रतिष्ठा बढ़ेगी। ऊर्जा और उत्साह बना रहेगा। मित्रों के साथ मनोरंजक समय बीतेगा।

कन्या: रुके हुए कार्यों को गति देने का समय है। रिश्तों में नई शुरुआत हो सकती है। सेहत का ध्यान रखें।

तुला: आय के नए स्रोत बनेंगे। सामाजिक कार्यों में रुचि बढ़ेगी। रुका हुआ पैसा वापस मिल सकता है।

वृश्चिक: करियर में नई उपलब्धियां मिलेंगी। यात्रा के योग हैं जो लाभकारी सिद्ध होंगे। खर्चों पर नियंत्रण रखें।

धनु: भाग्य का साथ मिलेगा। धार्मिक कार्यों में मन लगेगा। कार्यक्षेत्र में अधिकारियों का सहयोग प्राप्त होगा।

मकर: मानसिक तनाव से बचें। निवेश के बड़े फैसले आज टाल देना ही उचित है। पुराने मित्रों से मुलाकात होगी।

कुंभ: साझेदारी के कार्यों में लाभ होगा। पारिवारिक सुख बढ़ेगा। खान-पान में लापरवाही न बरतें।

मीन: शत्रुओं पर विजय प्राप्त होगी। ननिहाल पक्ष से शुभ समाचार मिल सकता है। अतिथियों का आगमन होगा।

​विशेष टिप: आज गणेश जी की पूजा करें और ‘ॐ बुं बुधाय नमः’ का जाप करें।

ज्योतिष शास्त्र में होली का समय ऋतु परिवर्तन का संधि काल माना जाता है। इस समय सूर्य कुंभ राशि से निकलकर मीन राशि में प्रवेश की तैयारी करते हैं, जिसे ‘मीन संक्रांति’ भी कहा जाता है।

बुराई पर अच्छाई की विजय: भक्त प्रहलाद की रक्षा और होलिका का दहन हमें संदेश देता है कि अडिग विश्वास और सत्य के मार्ग पर चलने वालों का ईश्वर सदैव कल्याण करते हैं।

ग्रह शांति का अवसर: होलिका दहन की राख को माथे पर लगाने से नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है और राहु-केतु के अशुभ प्रभाव कम होते हैं।

सामाजिक समरसता: यह पर्व ऊंच-नीच और भेदभाव को मिटाकर प्रेम के रंगों में सराबोर होने का संदेश देता है।

ज्योतिषीय उपाय एवं सावधानियां

अरुण देव शास्त्री जी के अनुसार, सुख-समृद्धि के लिए होली पर निम्न उपाय फलदायी होते हैं:

आर्थिक लाभ के लिए: होलिका दहन की अग्नि में नारियल, सुपारी और अक्षत (चावल) अर्पित करें।

नकारात्मकता दूर करने के लिए: घर के मुख्य द्वार पर गुलाल से स्वास्तिक बनाएं।

सेहत के लिए: प्राकृतिक रंगों (अबीर-गुलाल) का ही प्रयोग करें, केमिकल युक्त रंगों से बचें।

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